भाजपा ने CM नीतीश का क्यों फूंका पुतला, जानिए पूर्व मंत्री ने नीतीश पर क्या लगाया आरोप

    भाजपा ने CM नीतीश का क्यों फूंका पुतला, जानिए पूर्व मंत्री ने नीतीश पर क्या लगाया आरोप

    पटना(PATNA): राज्य के पटना हाई कोर्ट के फैसले के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने नगर निकाय चुनाव को रद्द कर दिया है. इसका ठीकरा बीजेपी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर फोड़ रही है और आज इसी के विरोध में बीजेपी की ओर से पटना के इनकम टैक्स गोलंबर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला दहन किया गया. इस मौके पर बिहार सरकार के पूर्व मंत्री प्रमोद कुमार और बीजेपी के विधायक अरुण कुमार सिन्हा के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला दहन किया.

    "हमने नीतीश कुमार को रोका था"

    वहीं, इस मौके पर पूर्व मंत्री प्रमोद कुमार ने कहा कि चुनाव रद्द कराकर राज्य सरकार अति पिछड़ा और पिछड़ा को जन प्रतिनिधि बनने का रास्ता रोक रही है. उन्होंने कहा कि नगर निकाय को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी अपना आदेश दिया था और जब राज्य में वो कानून मंत्री थे. उस समय भी उन्होंने और एडवोकेट जनरल ने भी नीतीश कुमार को रोका था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना मत कीजिए और उन्होंने आदेश की अवमानना की. उन्होंने कहा कि हम सभी ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट से मॉनिटरिंग कराकर यह आदेश दिया है. अगर यह लोग सुप्रीम कोर्ट के आदेश को मानते तो आज इनकी हठधर्मिता के कारण जनप्रतिनिधि और सरकार का जो नुकसान हुआ है, वो नहीं होता. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मनसा सही नहीं है. यह देख रहे थे कि बीजेपी का तेजी से प्रभाव बढ़ रहा है इसलिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना कर दी.

    नीतीश कुमार अपने मन से अति पिछड़ा की बात नहीं करते

    वहीं, पूर्व मंत्री प्रमोद कुमार ने नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए कहा कि नीतीश कुमार अपने मन से अति पिछड़ा की बात नहीं करते थे. जननायक कर्पूरी ठाकुर और स्वर्गीय कैलाशपति मिश्र की मिली जुली सरकार थी, तब अति पिछड़ा की बात हुई और नीतीश कुमार भूल रहे हैं, अगर बीजेपी के सुशील मोदी और हम लोग नहीं रहते तो वह अति पिछड़ा की बात नहीं करते. हम लोगों ने समर्थन दिया. एनडीए ने कहा जो समाज के अंतिम पायदान पर हैं, उनका अंत्योदय किया जाए. पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने भी यही कहा था. बिहार सरकार के ऊपर कोर्ट की अवमानना का चार्ज लगना चाहिए. अभी जो एडवोकेट जनरल हैं, उनसे पूछिए जाकर वह बिहार सरकार का कौन सा पक्ष रख रहे थे. एडवोकेट जनरल ने मुख्यमंत्री के पक्ष को वहां रखा है, तब न्यायालय ने अपना आदेश सुनाया है.

    नीतीश कुमार का अलग कानून : पूर्व मंत्री प्रमोद कुमार

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कह रहे हैं कि आयोग का गठन क्यों होगा, इसे लेकर पूर्व मंत्री ने कहा कई राज्यों ने आयोग का गठन किया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपना अलग कानून बना रहे हैं तो अंत में वो ही भोगेंगे.

     

     


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