सेवानिवृत्ति के बाद भी किस हैसियत से DGP के पद पर हैं अनुराग गुप्ता: बाबूलाल

    सेवानिवृत्ति के बाद भी किस हैसियत से DGP के पद पर हैं अनुराग गुप्ता: बाबूलाल

    टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : डीजीपी अनुराग गुप्ता के मुद्दे पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार को घरेते हुए कई सवाल उठाए हैं. बाबूलाल ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद भी किस हैसियत से अनुराग गुप्ता DGP के पद पर बने हुए हैं. सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आखिर अनुराग गुप्ता में ऐसा क्या खास है कि उन्हें डीजीपी बनाए रखा गया है. बिहार में भी डीजीपी के खिलाफ थाने में 420 का मामला दर्ज है. ऐसे में ये आदमी झारखंड को कैसे बदलेगा, पुलिस कैसे काम करेगी, ये सोचने वाली बात है.

    हेमंत सोरेन को घोटाले से बचाते हैं अनुराग गुप्ता-बाबूलाल

    बाबूलाल मरांडी ने कहा कि अनुराग गुप्ता को पहले हेमंत सोरेन सरकार ने 26 महीने तक सस्पेंड रखा था, लेकिन अब वो हेमंत सरकार के लाडले अफसर बन गए हैं. झारखंड में ईडी की जांच चल रही है. अलग-अलग मामलों में कार्रवाई हो रही है. ईडी ने एक पत्र लिखा था जिसमें अलग-अलग अफसरों के नाम शामिल हैं. जिस मामले में ईडी के गवाहों की गवाही होनी है, अनुराग गुप्ता केस दर्ज करके या किसी और तरीके से उन्हें दबाने की कोशिश कर रहे हैं. यही वजह है कि हेमंत सोरेन और अनुराग गुप्ता के बीच गांठ पड़ गई है. जिसमें वह हेमंत सोरेन को घोटाले से बचाते हैं और यही वजह है कि हेमंत सोरेन उन्हें डीजीपी के पद पर बनाए रखते हैं.

    चुनाव के समय उन्हें डीजीपी के पद से हटा दिया गया था क्योंकि उनके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं, लेकिन जब दोबारा सरकार बनी तो उन्हें फिर से पुलिस का मुखिया बना दिया गया. अब रिटायरमेंट के बाद भी उन्हें असंवैधानिक तरीके से डीजीपी बनाए रखा जा रहा है. गृह मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि वह डीजीपी नहीं रह सकते.

    जब से अनुराग गुप्ता झारखंड के डीजीपी बने हैं, कोयला चोरी और अपराधियों का मनोबल बढ़ा है. कोयला चोरी रोकने की जिम्मेदारी डीजीपी को दी गई है. जिससे वसूला गया पैसा हेमंत सोरेन तक पहुंच रहा है. पैसे वसूलने के लिए कई लोग कई गाड़ियों में घूम रहे हैं. वे लोग कौन हैं और कैसे काम कर रहे हैं?

    रिपोर्ट-समीर


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