TNP Special : ''आज के दिन भावुक नहीं होउंगी, मैं एक वीर झारखण्डी योद्दा की जीवनसाथी हूं" 18 वीं सालगिरह पर बोली कल्पना सोरेन 

    TNP Special : ''आज के दिन भावुक नहीं होउंगी, मैं एक वीर झारखण्डी योद्दा की जीवनसाथी हूं" 18 वीं सालगिरह पर बोली कल्पना सोरेन 

    टीएनपी डेस्क (Tnp desk):- जमीन घोटाले के आरोपों के चलते ईडी की रिमांड पर चले हेमंत सोरेन के लिए वक्त इम्तहान का है. जहां सियासत के कंटीले झांड़ तो रह-रह कर चुभ ही रहें हैं. साथ ही पारिवारिक जिंदगी से भी कट गये हैं . जहां विरह है, वेदना है और वियोग हैं . ये दूरियां खल रही है और मन में कहीं न कहीं एक मिलने का भाव भी जाग रहा है. क्योंकि 7 फरवरी के दिन ही पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सात फेरे पत्नी कल्पना सोरेन के साथ लिए थे. आज के दिन ही जिंदगी की दूसरी पारी शुरु हुई थी और उसके 18 साल हो गये. 

    शादी की 18वीं सालगिरह 

    एक साथ तकरीबन दो दशक रहने के बाद पहली बार हेमंत और कल्पना सोरेन एक साथ नहीं हैं. लाजमी है कि एक ख्वाहिश 18वीं सालगिरह में  साथ-साथ रहने की अधूरी रह गयी .  इस दर्द को वाइफ कल्पना सोरेन ने भी अपने भावुक पोस्ट के जरिए साझा किया. जिसमे मुश्किल घड़ी में हेमंत सोरेन को हौंसला अफजाई करते नजर आई. और खुद को एक वीर झारखंडी योद्धा की जीवनसाथी बताया. इसके साथ ही विरोधियों पर भी वार करने से नहीं चुकी, जो उनके पति के खिलाफ षडंयत्र रचा गया, लेकिन, वे विजेता बनकर आयेंगे. 
    सोशल मीडिया पर कल्पना लिखती है कि झारखंड के अस्तित्व और अस्मिता की रक्षा के लिए हेमंत झी ने झुकना स्वीकार नहीं किया. उन्होंने षड्यंत्र से लड़ना और उसे हराने के लिए अपने आप को समर्पित करना बेहतर समझा.  
    अपनी शादी की सलागिरह का जिक्र करते हुए उस कमी को भी कल्पान दर्शाती है और लिखती हैं कि आज हमारी शादी की 18वीं सालगिरह है, पर हेमन्त जी परिवार के बीच नहीं हैं, बच्चों के साथ नहीं हैं, विश्वास है वो इस षड्यंत्र को हरा विजेता बनकर हम सभी के साथ शीघ्र होंगे. 

    एक वीर झारखंडी योद्धा की जीवनसाथी 

    कल्पना ने अपने पोस्ट में खुद को एक वीर झारखंडी योद्धा की पत्नी बताया और लिखा कि आज के दिन वह भावुक नहीं होऊंगी, बल्कि हेमंत जी की तरह विषम परिस्थितियों में भी मुस्कराते हुए उनके साहस और संघर्ष की शक्ति बनूंगी . 
    कल्पान सोरेन के इस भावुक पोस्ट से लाजमी है कि एक भाव उभरता है कि  किस तरह की कमी हेमंत सोरेन की खल रही है . कैसे उनके बच्चे औऱ पत्नी उन्हें याद कर रही है. शादी की सालगिरह पर हेमंत के न रहना के बैगर एक सूनापन और एक खालीपन तो परिवार को महसूस हो रहा है. इससे इंकार नहीं किया जा सकता है. क्योंकि जो मुश्किले हेमंत के सामने आयी है. उससे आहत सिर्फ वो ही नहीं, बल्कि उनका परिवार भी हैं. 
    कल्पना सोरेन के इस पोस्ट से जाहिर एक हौंसला , एक ताकत और एक जोश हेमंत सोरेन को मिलेगा. क्योंकि उनकी वाइफ इस संघर्ष भरे वक्त में भी उनके साथ-साथ चल रही हैं. कल्पान सोरेन आज ही ईडी दफ्तर भी पहुंची थी और अपने पति हेमंत सोरेन से तकरीबन आधे घंटे मुलाकात कर वापस लौट आई.  

    हेमंत को हौंसला देती कल्पना 

    आपको बता दे ईडी का समन जब बार-बार जमीन घोटाले में मिल रहा था. तो अचानक बात सामने आ रही थी कि हेमंत के इस्तीफे के बाद उनकी पत्नी कल्पना सोरेन झारखंड की मुख्यमंत्री बनेंगी. 1 जनवरी को जेएमएम विधायक सरफराज अहमद ने गांडेय विधानसभा से इस्तीफा भी दे दिया था. इससे अटकलों का बाजार ये भी गर्म था कि कल्पना यहीं से विधानसभा उपचुनाव भी लड़ सकती है. लेकिन, सारे कयास कोरे ही साबित हुए, चंपई सोरेन को विधायक दल का नेता चुना गया, जो  बाद में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली . 
    राजनीति से दूर रहने वाली कल्पना सोरेन अचानक इसमे एंट्री मारते हुए भी दिख रही है, क्योंकि हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के बाद कल्पना उनके सोशल मीडिया एकाउंट संभाल रही है. 5 फरवरी को भारत जोड़ों न्याय यात्रा में रांची पहुंचे  राहुल गांधी से भी उनकी मुलाकात हुई. अचानक सियासत में उनकी चहलकदमी से अनुमान लगाया जा रहा है कि आगे की पॉलिटिक्स में उनके पांव पूरी तरह से पड़ने वाले हैं. अब देखना है कि ये  बाते कितनी सच होती हैं. 

    रिपोर्ट-  शिवपूजन सिंह 


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