दिल्ली हाईकोर्ट जज के बंगले में लगी आग, फायर ब्रिगेड की टीम को आग बुझाने के दौरान मिले करोड़ों रुपए, CJI ने लिया एक्शन

    दिल्ली हाईकोर्ट जज के बंगले में लगी आग, फायर ब्रिगेड की टीम को आग बुझाने के दौरान मिले करोड़ों रुपए, CJI ने लिया एक्शन

    टीएनपी डेस्क: दिल्ली हाईकोर्ट के जज के सरकारी बंगले में लगी आग ने न्यायिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है. इस हड़कंप के पीछे की वजह सिर्फ आग नहीं बल्कि इस अग्निकांड में निकले करोड़ों रुपए हैं. आग पर काबू पाने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम को जज के घर से करोड़ों रुपए मिले. घर से निकले भारी मात्रा में कैश ने सबको चौंका कर रख दिया. वहीं, इस मामले के बाहर आने के बाद सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम को त्वरित कार्रवाई करते हुए जज का तबादला करना पड़ गया.

    क्या है मामला

    दरअसल, दिल्ली हाईकोर्ट के जज यशवंत वर्मा तब सुर्खियों में आ गए जब उनके घर से भारी मात्रा में कैश जब्त किया गया. दिल्ली स्थित उनके सरकारी बंगले में जब आग लगी तो वे उस वक्त दिल्ली से बाहर थे. ऐसे में परिजनों ने फायर ब्रिगेड और पुलिस को कॉल कर बुलाया. जब फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची तो आग बुझाने के बाद जज के घर के कमरों से टीम को भारी मात्रा में करोड़ों रुपए मिले.

    ट्रांसफर का लिया गया फैसला

    मामले के बाहर आते ही सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम को त्वरित कार्रवाई करना पड़ा और जज यशवंत वर्मा को उनके मूल स्थान इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर करने का फैसला लिया गया. कॉलेजियम की अध्यक्षता कर रहे चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) संजीव खन्ना ने जज यशवंत वर्मा को इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर कर दिया है. वहीं, कुछ जजों का कहना है कि जज यशवंत वर्मा को इस्तीफा देना चाहिए. अगर जज वर्मा इस्तीफा देने से मना करते हैं तो फिर उनके खिलाफ इन-हाउस जांच की जाए.

    कौन है जज यशवंत वर्मा

    इलाहाबाद हाई कोर्ट से वकालत शुरू करने वाले जज यशवंत वर्मा का जन्म 6 जनवरी 1969 को हुआ था. दिल्ली यूनिवर्सिटी के हंसराज कॉलेज से बीकॉम की पढ़ाई पूरी करने के बाद मध्य प्रदेश के रीवा यूनिवर्सिटी से उन्होंने अपनी कानून की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद 8 अगस्त साल 1992 को जज यशवंत वर्मा ने बतौर वकील पंजीकरण कराया और इलाहाबाद हाई कोर्ट में अपनी वकालत शुरू की.  यहां संवैधानिक, कॉरपोरेट, औद्योगिक विवाद व सिविल मामलों में विशेषज्ञता प्राप्त करने के बाद साल 2006 में इलाहाबाद हाई कोर्ट के विशेष वकील के रूप में काम किया. इसके बाद 2012 से 2013 में यूपी सरकार के मुख्य स्थायी वकील के रूप में उन्होंने काम किया. जिसके बाद अगस्त 2013 में जज यशवंत वर्मा को वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा मिला.

    13 अक्टूबर 2014 में जज यशवंत वर्मा को इलाहाबाद हाई कोर्ट का अतिरिक्त न्यायधीश के रूप में नियुक्त किया गया. 1 फरवरी 2016 को उन्होंने स्थाई न्यायधीश के रूप में शपथ ली. इसके बाद 2021 में उनका तबादला दिल्ली हाईकोर्ट में कर दिया गया. अब 2025 में एक बार फिर जज यशवंत वर्मा को वापस इलाहाबाद हाई कोर्ट ट्रांसफर करने का फैसला लिया गया है.


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