पारिवारिक विवाद या गैंगवार क्या है विक्रम शर्मा की हत्या की वजह, अब तक पुलिस नहीं जोड़ पाई तार ?

    पारिवारिक विवाद या गैंगवार क्या है विक्रम शर्मा की हत्या की वजह, अब तक पुलिस नहीं जोड़ पाई तार ?

    टीएनपी डेस्क(TNP DESK):13 फरवरी 2026 सुबह 10:10 बजे उत्तराखंड के देहरादून स्थित मॉल में हिस्ट्रीशीटर विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई.जिसके बाद इस नाम की चर्चा ने ऐसी रफ़्तार पकड़ी कि हर टीवी चैनल, अखबार, समाचार पोर्टल पर विक्रम शर्मा का नाम सुर्खियां बन गया.रोजाना इस मामले में अलग-अलग खुलासे हो रहे है. हालांकी ये बात अलग है कि अब तक जमशेदपुर पुलिस या उत्तराखंड की पुलिस ने मामले पर कोई भी आधिकारिक बयान नहीं दिया है.अब तक सूत्रों से जो जानकारी मिली है उसके अनुसार विक्रम शर्मा के छोटे भाई अरविंद शर्मा ने पुलिस के सामने सरेंडर किया है.वही दो शूटरों ने बनारस में सरेंडर कर दिया है.लेकिन अब तक इस मामले में पुलिस कुछ भी कहने से बच रही है.

    हर एंगल से जांच कर रही है पुलिस

    विक्रम शर्मा का नाम जमशेदपुर में अपराध की दुनिया का ऐसा नाम है जिसका नाम मात्र से ही बड़े करोबारी और अधिकारी खौफ खाते थे.भले ही विक्रम शर्मा की हत्या उत्तराखंड में हुई है लेकिन इसके तार धीरे-धीरे अब जमशेदपुर से जुड़े हुए नजर आ रहे है.सुत्रों के अनुसार पुलिस अब तीन एंगल से इस मामले की जांच कर रही है जिसमे रिश्तेदारों और जमीन के विवाद में हत्या का एक एंगल है, तो वहीं दूसरी तरफ विक्रम शर्मा का चेला माने जाने वाला दुमका जेल में बंद गैंगस्टर अखिलेश सिंह से विवाद को लेकर भी पुलिस अब जांच कर रही है.वही एक एंगल यहां भी सामने आया है कि विक्रम शर्मा के पीछे जमशेदपुर का आपराधिक गैंग भी पीछे पड़ा हुआ था.

    चौथे दिन भी पुलिस के हाथ अब तक खाली

    आपको बता दें कि विक्रम शर्मा हत्याकांड के तीन दिन पूरे हो चुके है आज चौथा दिन है. ऐसे में पुलिस कोई भी जानकारी देने से कतरा रही है जांच कहां तक पहुंची है अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है.हालंकी हाई प्रोफाइल मर्डर केस होने की वजह से पुलिस और एसटीएफ लगातार उत्तराखंड, बिहार झारखंड यूपी में अपनी दबिश दे रही है लगातार पुलिस,जमशेदपुर के पुराने और नए गैंगस्टरों की गतिविधियों पर नजर रख रही है ताकि विक्रम शर्मा हत्याकांड के तार का कोई सुराग यहां से मिल पाए.

    विक्रम शर्मा हत्याकांड मामले में पुलिस पहले तो रिश्तेदार और परिवार वालों के साथ संपत्ति के विवाद को एंगल मानते हुए जांच कर रही है.सूत्र बताते हैं कि विक्रम शर्मा और उनके छोटे भाई अरविंद शर्मा के बीच काफी लंबे समय से संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था जिसकी वजह से दोनों के बीच अनबन होती रहती थी.विक्रम शर्मा शातिर दिमाग और बड़े-बड़े कांडों का मास्टरमाइंड था. ऐसे में वह चाहता था कि परिवार पर ही भी उसका ही राज चले.सम्पत्ति जमीन और पत्थर क्रशर करोबार के साथ रंगदारी और लेवी में भी वह अपने ही चलती चलाता था ये बात उसके रिश्तेदारों को नागवार थी.बताया जा रहा है कि अरविंद शर्मा को केंद्र में रखकर पुलिस जांच कर रही है.

    हत्या सोची समझी साजिश थी -सूत्र 

    विक्रम शर्मा की हत्या सोची समझी साजिश थी इसके पीछे केवल निशानेबाजों का हाथ नहीं हो सकता बल्की परिवार के साथ स्थानीय मिलिभगत शामिल है.रविवार के दिन विक्रम शर्मा के छोटे भाई अरविंद शर्मा को विरासत में लेकर घंटों पूछताछ की गई. जिस पर देहरादून में तैनात एसएसपी प्रेमेंद्र डोबाल ने ऑफिशियल बयान देते हुए कहा है कि यह पूरी तरीके से गैंगवार और प्री प्लांट मर्डर है.जल्दी ही मामले का खुलासा किया जाएगा.

    क्या रिश्ते की खटास खा गई विक्रम शर्मा को

    पुलिस का शक इसलिए भी अरविन्द शर्मा की या जा रहा है क्योंकि कुछ दिन पहले लम्बे समय के बाद अरविन्द शर्मा साल 2025 में जुलाई के महीने में जमशेदपुर आया था.जहां वह मानगो में रहने वाले अपने करीबी प्रभात से मिला था और उसके घर में भी रुका था.सूत्र यहां तक बताते हैं कि अरविंद शर्मा के जमशेदपुर आने के पीछे भी विक्रम शर्मा हत्याकांड की योजना थी.आशंका है कि अरविंद शर्मा और उसका करीबी प्रभात उर्फ बकरी का हाथ इस हत्याकांड में हो सकता है.पुलिस एक-एक तार को जोड़कर विक्रम सिंह हत्याकांड के सुराग जुटा रही है ताकी असली आरोपी तक पहुंचा जा सके.

    कहीं चेला ही तो नहीं बन गया गुरु के जान का दुश्मन ! 

    सूत्र के अनुसार दुमका जेल में बंद गैंगस्टर अखिलेश सिंह और विक्रम शर्मा के बीच भी काफी लंबे समय से रंजिश चल रही थी.जहां जेल में बंद अखिलेश सिंह को विक्रम शर्मा द्वारा वसूले जा रहे रंगदारी और लेवी की साझेदारी सही तरीके से नहीं मिल पा रही थी.सूत्र के मुताबिक अखिलेश सिंह के ऊपर भी पुलिस संदेश कर रही है और विक्रम शर्मा हत्याकांड में उसके भी हाथ होने की संभावना है.फिलहाल बिक्रम शर्मा हत्याकांड के बाद दुमका जेल में बंद, अखिलेश सिंह पर भी पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है और जेल के बाहर सुरक्षा व्यवस्था टाइट कर दी गई है.पल-पल गतिविधियों पर प्रशासन की नजर है.

    अपराधिक गिरोह भी हो सकता है हत्या की वजह 

    सूत्र से जो जानकारी मिली है उसके अनुसार विक्रम शर्मा हत्याकांड के जांच में अब तक जो बात सामने आई है उसमे हत्याकांड को आपराधिक गिरोह ने अंजाम दिया है.विक्रम शर्मा हत्याकांड में राजा शर्मा, आशुतोष सिंह, आकाश प्रसाद और विशाल सिंह की भूमिका अहम है.फ़िलहाल ये पुलिस के गिरफ़्त से दूर है और इनकी गिरफ़्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है.

    आखिर क्यों शूटरों ने नहीं छुपाई अपनी पहचान

    विक्रम शर्मा हत्याकांड में जो सीसीटीवी सामने आया था, उसमे हैरान करने वाली बात सामने आई है कि जिन शूटरों ने उसे मौत के घाट उतारा वो मास्क नहीं पहने हुआ था.गाड़ी भाड़ा पर लेने के समय जो दस्तावेज दिए गए वह भी असली दिए गए. नाम भी सही बताया गया.आख़िर शूटरों ने अपनी पहचान क्यों नहीं छुपाई उन्हें अपने चेहरे को क्यों नहीं ढका.ये बात काफी पेचिदा है और हैरान करने वाली है कि इतने बड़े शार्प शूटर और बड़े हाई प्रोफाइल गैंगस्टर के मर्डर में चेहरा ना छुपाना कुच तो लोचा है.ये जमशेदपुर में नये अपराधियों की दबिश की ओर इशारा तो नहीं कर रही.कहीं शूटर्स ने खुलेआम चेहरा दिखाकर ये साबित करने की कोशिश तो नहीं की है कि देख लो जो हमारे बीच आएगा उसे खत्म कर दिया जाएगा.

    अब तक मामले में कोई ऑफिशियल बयान नहीं आया

    आपको बता दे कि हिस्ट्रीशीटर विक्रम शर्मा का इतिहास अपराधिक रहा है. वह लंबा समय तक जमशेदपुर में आपराधिक दुनिया का बड़ा चेहरा था जिसका आधार पर पुलिस अब इसे गैंगवार और आपसी दुश्मनी में हत्या मानते हुए भी जांच कर रही है.विक्रम शर्मा हत्याकांड एक हाई प्रोफाइल केस है जिसकी वजह से पुलिस को एक-एक कदम फूक कर बढ़ाना पड़ रहा है कुछ भी बोलने से पहले पुलिस 100 बार सोच रही है.


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