कैमूर(KAIMUR): बिहार सरकार के पूर्व कृषि मंत्री सुधाकर सिंह अपने इस्तीफे के बाद कैमूर पहुंचे. वे वहाँ दुर्गावती प्रखंड के करौली गांव में सम्मान समारोह में पहुंचे हुए थे. इस दौरान वे लोगों को संबोधित करते हुए मीडिया और सरकार दोनों पर जमकर बरसे. उन्होंने कहा कि मीडिया हवाले से नहीं सूत्रों से खबर चलाती है. मैं डंके की चोट पर कह रहा हूं, जिसको लगता है मैं गलत कह रहा हूं, वे लोग सूत्रों से खबर क्यों चलवा रहे हैं. मैंने इस्तीफा दिया है या फिर मुझसे इस्तीफा लिया गया, इससे क्या फर्क पड़ता है? ये कोई विमर्श का विषय नहीं है.
उन्होंने कहा कि लालू यादव के कहने पर ही मैं मंत्री बना और उनके कहने पर ही मैंने इस्तीफा भी दिया. अगर मैं इस्तीफा नहीं भी देता तो राज्य के मुख्यमंत्री के कलम में इतनी ताकत होती है कि वो राज्य के किसी भी मंत्री को कभी भी बर्खास्त कर सकते हैं.
“किसान क्या चाहता है, इस पर बात हो”
मेरा इस्तीफा जिन मुद्दों पर हुआ है, उन मुद्दों पर बहस होनी चाहिए. मैंने इतना ही तो कहा था कि कृषि रोड मैप बना लो और बनाने से पहले किसानों से चर्चा कर लो. बुलाओ किसानों को पटना में और बात तो कर लो कि बिहार के किसान क्या चाहते हैं. बिहार का किसान सब्सिडी नहीं चाहता, बिहार का किसान केवल लाभकारी मूल्य चाहता है यही उसकी लड़ाई है.
“सत्ता में रहकर भी सरकार के खिलाफ आवाज उठाया जा सकता है”
आगे सुधाकर सिंह ने कहा कि कौन कहता है सरकार में सरकार की कुर्सी पर बैठे हुए लोग सरकार के खिलाफ आवाज नहीं उठा सकते. मैं उन लोगों को चुनौती देता हूं. सत्ता में या विपक्ष में रहते हुए सरकार की नाकामियों के खिलाफ आवाज उठाने का अधिकार संविधान ने हमें दिया है. नीतीश कुमार के साथ कुर्सी से चिपकने वाले लोगों की चिंता नहीं है मुझे. मैं 2025 तक एमएलए हूं और यह मैं रहूंगा और मुझे कोई रोक नहीं सकता.
Thenewspost - Jharkhand
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