महिला पहलवानों का ऐलान-ऐ-जंग, प्राथमिकी नहीं, बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी तक जारी रहेगा यह विरोध प्रदर्शन

    महिला पहलवानों का ऐलान-ऐ-जंग, प्राथमिकी नहीं, बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी तक जारी रहेगा यह विरोध प्रदर्शन

    टीएनपी डेस्क(TNP DESK)- करीबन एक वर्ष से भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के प्रमुख और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन शोषण की शिकायत कर रही देश की नामचीन महिला खिलाड़ियों को सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद राहत मिली है. सुनवाई के दौरान ही दिल्ली पुलिस के द्वारा कोर्ट को यह सूचित किया गया कि बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा रही है, आज उसकी प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी.

    महिला खिलाड़ियों के हौसले बुलंद 

    कोर्ट के इस फैसले के बाद महिला खिलाड़ियों के हौसले बुलंद है, प्राथमिकी दर्ज किये जाने की सूचना पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए महिला खिलाड़ियों ने कहा है कि हमारी लड़ाई महज प्राथमिकी दर्ज करवाने की नहीं है, बल्कि हमारा जंग एक यौन शोषणकर्ता के खिलाफ है, जब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो जाती, हमारी यह लड़ाई जारी रहेगी, यह धरना प्रदर्शन भी जारी रहेगा.

    महान किक्रेटर कपिलदेव और नीरज चोपड़ा  का भी मिला साथ

    यहां बता दें कि अब धीरे धीरे इन महिला पहलवानों के समर्थन में दूसरे खिलाड़ी भी एकजुट होने लगे हैं, महान किक्रेटर कपिलदेव और नीरज चोपड़ा ने भी इन खिलाड़ियों का समर्थन करते हुए पूरे मामले की जांच करवाने की मांग की है, इसके साथ ही सानिया मिर्जा भी इन खिलाड़ियों के पक्ष  में खड़ी हो गयी है. हालांकि इस मामले में उड़न तश्तरी के नाम से सुविख्यात रहे पीटी उषा का स्टैंड कुछ अलग है, उनका मानना है कि इससे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की बदनामी होगी.

    ध्यान रहे कि महीनों से एक एफआईआर के लड़ाई लड़ती महिला खिलाड़ियों को पहली जीत मिली है. सुप्रीम कोर्ट की दखल के बाद दिल्ली पुलिस ने भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के प्रमुख और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आश्वासन दिया है, आज ही प्राथमिकी दर्ज कर इसकी सूचना सुप्रीम कोर्ट दी जायेगी.

    शिकायत दर्ज करवाने के बाद भी दर्ज नहीं की जा रही थी प्राथमिकी

    यहां बता दें कि देश की नामचीन महिला खिलाड़ियों के द्वारा भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के प्रमुख और भाजपा सासंद के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाया जा रहा था, महिला खिलाड़ियों के द्वारा इस मामले में पुलिस में बाकायदा शिकायत भी दर्ज की गयी थी, लेकिन बावजूद इसके दिल्ली पुलिस के द्वारा इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के इंकार किया जा रहा था, जिसके बाद महिला खिलाड़ियों के द्वारा जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन की शुरुआत कर दी गयी थी.

    यौन शोषण की शिकार एक नाबालिग खिलाड़ी को सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश

    इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर न्याय की गुहार लगायी गयी थी. जिसके बाद इस मामले में सुनवाई शुरु हुई, जहां दिल्ली पुलिस के द्वारा प्राथमिकी दर्ज किये जाने का आश्वासन दिया गया, इसके साथ ही कोर्ट ने यौन शोषण की शिकार सभी महिला खिलाड़ियों को सुरक्षा प्रदान करने का निर्दश दिया. इसकी निगरानी किसी सेवानिवृत न्यायाधीश के द्वारा की जायेगी.

    वर्ष 2023 में भी उठा था यह मामला

    यहां बता दें कि वर्ष 2023 में भी इन खिलाड़ियों के द्वारा इसकी शिकायत की गयी थी, लेकिन तब मामले की जांच करवाने की बात कह कर इनका धरना प्रर्दशन को समाप्त करवा दिया गया था, लेकिन जब खिलाड़ियों को जांच समिति से कोई न्याय नहीं मिला, तब एक बार फिर से इनके द्वारा धरना प्रर्दशन की शुरुआत कर दी ग


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