डीएमके के एक सांसद के फिर दिया विवादित बयान, हिन्दी पट्टी के राज्यों को बताया ‘गोमूत्र राज्य’,

    डीएमके के एक सांसद के फिर दिया विवादित बयान, हिन्दी पट्टी के राज्यों को बताया ‘गोमूत्र राज्य’,

    टीएनपी डेस्क(Tnp desk):-राजस्थान, मध्यप्रदेश औऱ छत्तीसगढ़ की विधानसभा भाजपा की जीत के बाद विपक्षी पार्टियों में अंदर ही अंदर बोखलाहट तो हैं. बेशक कांग्रेस ने शिकस्त के बाद कड़े तेवर भाजपा पर नहीं दिखाये औऱ जनता का जनादेश मानकर चुप रही. लेकिन, इंडिया गठबंधन की सहयोगी पार्टियां तो बीजेपी पर तंज कसने और हमलावर रुख अपनाने में कई कसर बाकी नहीं छोड़ रही. दक्षिण के राज्यों में भाजपा का उतना जनाधार नहीं है, जितना उत्तर में हिन्दी पट्टी राज्यों में दिखाई पड़ता है.

    डीएमके सांसद के बेतुके बोल

    तमिलनाडु में डीएमके की सरकार अक्सर बीजेपी पर हमला बोलने के साथ ही सनातन धर्म पर भी हमले करते रहती है. हालांकि, इतना हंगामा, बवंडर औऱ विवाद होने के बाद भी डीएमके के नेता औऱ न ही पार्टी का आलकमान इन्हें रोक नहीं पा रहा है. विधानसभा में बीजेपी की जीत के बाद डीएमके सांसद सेंथिलकुमार ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी की ताकत केवल हिन्दी पट्टी राज्यों में चुनाव जीतना है. इन राज्यों में आमतौर पर गोमूत्र राज्य कहते हैं     

    राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के जीतने पर कटाक्ष करते हुए डीएमके सांसद डीएनवी सेंथिलकुमार ने मंगलवार (5 दिसंबर) को कहा कि बीजेपी की ताकत केवल हिंदी पट्टी के राज्यों में चुनाव जीतना है. इन राज्यों कोहम आम तौर पर 'गौमूत्र' राज्य कहते हैं. उन्होंने ये बयान तब दिया जाब लोकसभा में जम्मू-कश्मीर आरक्षण (संशोधन) विधेयक 2023 और जम्मू कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2023 पर बहस हो रही थी.

    भगवा पार्टी पर बरसे सेंथिलकुमार

    सदन में डीएमके सांसद इतने से ही नहीं रुके बल्कि भगवा पार्टी पर आरोप लगाया कि जिस राज्य में भाजपा जीत नहीं पाती. वहां केन्द्र शासित प्रदेश बना देती है. जहां वे राज्यपाल के जरिए कंट्रोल करके शासन चलाते हैं. अगर बीजेपी को जीत का भरोसा रहता तो वे ऐसा नहीं करते. उन्होंने दावा किया कि दक्षिण भारतीय राज्यों में बीजेपी के जीतने की संभावना नहीं है.  

    स्टालिन-रजा ने सनातन का उड़ाया था मजाक

    कुछ महीने पहले डीएमके नेता उद्यनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म की तुलना मच्छर, मलेरिया, डेंगू और कोरोना वायरस की थी. उन्होंने सनातन को उन्मूलन यानि खात्मे की बात पर कहा था. उनकी नजर में फासीवादी ताकते इसके लिए जिम्मेदार है. उनके इस बयान के  बाद उत्तर भारत तो तमतमा गया था और विरोध में झुलस गया था. भाजपा ने इसे लेकर कांगेस से सवाल पूछते रही. हालांकि, पंजे ने इससे किनारा कर लिया.

    उदयनिधी स्टालीन के बायन के बाद भी डीएमके नहीं संभली. उनके ही एक वरिष्ठ नेता ए रजा ने तो और एक कदम आगे बढ़कर सनातन धर्म की तुलना एचआईवी औऱ कुष्ठ रोग से कर डाली थी . उनके इस जुबान से भी डीएमके की काफी फजीहत हुई . हालांकि, माहौल में अभी नरमी आई थी. लेकिन, डीएसके सांसद सेंथिलकुमार ने उत्तर भारत यानि हिन्दी पट्टी वाले राज्यों को गोमूत्र राज्य बोलकर बवाल बढ़ा दिया

    भाजपा भी इस बयान के बाद डीएमके और कांग्रेस से सवाल पूछ रही है . आखिर सनातन के खिलाफ और भाजपा से उनकी आखिर क्या दिक्कत हैं. इसमे कोई शक नहीं है कि आने वाले वक्त में इसे लेकर सियासत की पिच गर्म रहेगी और लोकसभा चुनाव में सनातन का मुद्दा गरमाये रहेगी.


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