चाईबासा गिरिराज सेना प्रमुख कमलदेव गिरि हत्याकांड में शामिल मुख्य अरोपी रकीब, जाहिद सहित चार गिरफ्तार

    चाईबासा गिरिराज सेना प्रमुख कमलदेव गिरि हत्याकांड में शामिल मुख्य अरोपी रकीब, जाहिद सहित चार गिरफ्तार

    चाईबासा(CHAIBASA): चक्रधरपुर के चर्चित कमलदेव गिरि हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता सतीश प्रधान समेत तीन की गिरफ्तारी के बाद आखिरकार पुलिस ने हत्यारे जाहिद और रकिब सहित चार को भी गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने जाहिद के अलावा तीन अन्य को भी गिरफ्तार किया, जिसमे चांदमारी निवासी मो राकिब, मंडलसाई निवासी मो साकिर और चौंगासाई निवासी मो हाशिम शामिल है. पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही में तीन पिस्टल, पांच जिंदा गोली और घटना में प्रयुक्त स्कूटी और बाइक भी बरामद की है. इस संबंध में पुलिस कप्तान आशुतोष शेखर नें प्रेस वार्ता कर बताया कि कांड की गंभीरता एवं संवेदनशीलता को देखते हुए सहायक पुलिस अधीक्षक सह अनु० पु० पदा० चक्रधरपुर और सुमित अग्रवाल सहायक पुलिस अधीक्षक के द्वारा जांच संयुक्त रूप किया जा रहा था. साथ ही साथ कांड के वैज्ञानिक एवं प्रोफेशनल अनुसंधान हेतु राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला रांची और बी०डी०डी०एस० (STF) दस्ता का भी सहयोग लिया गया था.

    वहीं, पुलिस अधीक्षक चाईबासा के द्वारा गठित SIT टीम कांड का प्रोफेशनल तरीके से अनुसंधान किया जा रहा था. SIT टीम को प्राप्त तथ्यों और तकनीकी साक्ष्यों के विवेचना से ज्ञात हुआ कि घटना के दिन कमलदेव गिरि की हत्या रेलवे स्टेशन से लौटने के क्रम में भारत भवन चौक पर पहले से मौजूद अपराधकर्मियों के द्वारा की गई. इस कांड के मुख्य साजिशकर्ता (1) सतीश प्रधान को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. अग्रतर अनुसंधान में मुख्य हमलावर रकीब और जाहिद बम बनाने के सहयोगी हाशिम और शकीर को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार अभियुक्तों के द्वारा पूरे घटनाक्रम में अपनी संलिप्तता की बात स्वीकार कर लिया गया है. उनके निशानदेही पर कांड में प्रयुक्त हथियार और गोली भी बरामद किया गया है. घटना को अंजाम देने में प्रयुक्त स्कुटी और मोटरसाईकिल को अभियुक्त के निशानदेही पर बरामद कर जब्त किया गया है. कांड में फरार अन्य अपराधकर्मियों के विरुद्ध छापामारी लगातार की जा रही है.

    जब्त साम्रगी

    1. कांड में प्रयुक्त हथियार एवं गोली
    2. कांड को कारित करने में प्रयुक्त स्कूटी
    3. कांड में प्रयुक्त R-15 मोटरसाईकिल

    गिरफ्तार व्यक्ति का नाम पता

    1. जाहिद हुसैन, उम्र 25 वर्ष, पिता स्व० जाहिर हुसैन, सा०- मंडलसाई, थाना- चक्रधरपुर, जिला- प० सिंहभूम, चाईबासा.
    2. मो० रकिब, उम्र करीब 25 वर्ष, पे0- मो0 नौशाद, सा०- चाँदमारी, थाना-चक्रधरपुर, जिला-प० सिंहभूम, चाईबासा
    3. मो० साकिर, उम्र 28 वर्ष पिता स्व० मोहकीन सा० मंडलसाई, पाना चक्रधरपुर, जिला पण सिंहायासा.
    4. मो0 हाशिम, उम्र 45 वर्ष पिता अली हुसैन, सा० चांगसाईघरपुर थाना-धरपुर, जिलाप सिंहभूम.

    SIT दल के सदस्य

    कपिल चौधरी सहायक पुलिस अधीक्षक सह अनु० पु० पदा०, चक्रधरपुर सुमित अग्रवाल, सहायक पुलिस अधीक्षक चाईबासा, दिलीप खलखो, अनु०पु०पा० सदर, पु०नि० चन्द्रशेखर कुमार, थाना प्रभारी. चक्रधरपुर थाना, पु०अ०नि० विवेक पाल, चक्रधरपुर थाना पु० अ०नि० विश्वानाथ किस्कु चक्रधरपुर थाना, पु०अ०नि० सौरभ कुमार ठाकुर, सदर थाना, स०अ०नि० संजय कुमार सिंह, जगन्नाथपुर थाना, सअनि० करुणाकर तिवारी, नोवामुण्डी थाना 10 तकनीकी शाखा, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, चाईबासा.

    अपराधिक इतिहास

    1. मो० पे० मी० नाथसाठमारी
    2. मो० हाशिम उम्र 45 वर्ष मिला अली हुसन सासचक्रधरपुर पुराना सं0- 183/12. दिनांक 27/12/12 धारा (25-Ay25/(25-Bja/26/35 एक्ट (ख) चक्रधरपुर थाना कार्ड न- 7910, दिनांक 11/07/10 धारा 25(18)A/26 आर्म्सएक्ट

    यह भी जाने

    इस मामले को सुलझाने में चक्रधरपुर थाना प्रभारी चंद्रशेखर कुमार की अहम भूमिका रही. पूछताछ में जाहिद ने बताया कि सतीश से उसकी दोस्ती काफी पुरानी है. एक दिन खुद सतीश ने कमलदेव की हत्या करने को कहा. सतीश ने उसे कमलदेव की हत्या के लिए 1.50 लाख रुपए में सुपारी दी थी. घटना तक उसे 70 हजार रूपए भी मिल चुके थे. इस दौरान उसने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर कमलदेव की हत्या का प्लान बनाया. उसने अपने घर में बम बनाया. 12 नवंबर की देर शाम मौका पाकर उसने राकिब के साथ मिलकर कमलदेव पर बम से हमला कर उसकी हत्या कर दी और वहां से फरार हो गया.

    चक्रधरपुर थाना प्रभारी की रही अहम भूमिका

    घटना के बाद पुलिस ने टेक्निकल टीम और बम स्क्वाड का सहारा लेकर छानबीन शुरू की. इसी बीच सर्किल इंस्पेक्टर चंद्रशेखर कुमार के पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए चक्रधरपुर का थाना प्रभारी बनाया गया. चंद्रशेखर कुमार ने भी अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए हत्यारों को ढूंढ निकाला. चंद्रशेखर कुमार ने पूर्वी सिंहभूम के उलीडीह थाना प्रभारी रहते हुए सुमन रक्षित हत्याकांड का खुलासा करते हुए हत्यारे ऋषभ श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर एक साल में ही उसे सजा दिलवाई थी. इसके अलावा बहरागोड़ा थाना प्रभारी रहते हुए उन्होंने दोहरे हत्याकांड को 72 घंटे में ही सुलझाया था.

    रिपोर्ट: संतोष वर्मा, चाईबासा


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