LS Poll 2024 : झारखंड के ये विधायक पहली बार लड़ रहे चुनाव, दांव पर प्रतिष्ठा

    LS Poll 2024 : झारखंड के ये विधायक पहली बार लड़ रहे चुनाव, दांव पर प्रतिष्ठा

    रांची (RANCHI) : पहला चरण के मतदान के साथ लोकसभा चुनाव का आगाज हो चुका है. पहले चरण में कई प्रत्याशियों का किस्मत ईवीएम में कैद हो गया है. वहीं झारखंड में पहला चरण का मतदान 13 मई को होगा. झारखंड में चार चरण में वोटिंग संपन्न होगी. इस बार का चुनाव पिछले चुनाव से कई मायनों में अलग है. राज्य के नौ ऐसे विधायक हैं जो पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं. जिनकी प्रतिष्ठा दांव पर लगी है. दो सीट ऐसी भी है जहां दो अलग-अलग दल के विधायक चुनाव के मैदान में ताल ठोक रहें हैं. 

    इन विधायकों की प्रतिष्ठा दांव पर

    सबसे पहले हम धनबाद लोकसभा सीट की बात करते हैं. यहां से भाजपा ने तीन बार के सांसद रह चुके पशुपतिनाथ सिंह का टिकट काट दिया. उम्र का हवाला देकर पीएन सिंह को बीजेपी ने टिकट नहीं दिया. इस सीट से भाजपा ने बाघमारा से तीन बार के विधायक ढुल्लू महतो को दिया है. बीजेपी प्रत्याशी ढुल्लू महतो मजदूर नेता हैं. समय-समय पर इनपर कई आरोप भी लगते रहे हैं. वे जेल भी जा चुके हैं. इनके खिलाफ कांग्रेस ने बेरमो विधायक अनुप सिंह की पत्नी अनुपमा सिंह को मैदान उतारा है. वो पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहीं हैं. कांग्रेस प्रत्याशी अनुपमा सिंह पूर्व दिग्गज व मजूदर नेता स्व. राजेंद्र प्रसाद सिंह की पुत्रवधू हैं. वहीं हजारीबाग सीट से भाजपा ने जयंत सिन्हा का टिकट काटकर हजारीबाग सदर विधायक मनीष जायसवाल को उतारा. उनके खिलाफ कांग्रेस ने मांडू विधायक जयप्रकाश भाई पटेल टिकट दिया है. यही एक सीट है जहां दो विधायक पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं. मनीष जायसवाल और जेपी भाई पटेल दोनों अपने पिता की राजनीति विरासत संभाल रहे हैं. मनीष के पिता ब्रजकिशोर जायसवाल कांग्रेस और झारखंड विकास मोर्चा के नेता रहे हैं. वहीं मांडू विधायक व कांग्रेस प्रत्याशी जेपी पटेल के पिता टेकलाल महतो दिग्गज नेता रहे हैं.

    गोड्डा लोकसभा सीट से कांग्रेस ने महगामा विधायक दीपिका पांडेय सिंह को टिकट दिया है. वे भी पहली बार अपनी किस्मत अजमा रहीं हैं. इनके खिलाफ भाजपा ने तीन बार के सांसद निशिकांत दुबे को टिकट दिया है. वे चौथी बार मैदान में उतरे हैं. कांग्रेस प्रत्याशी दीपिका पांडेय सिंह 2019 में महगामा से विधायक बनीं थी. महगामा सहित पूरे गोड्डा में इनकी पकड़ अच्छी है. सिंहभूम सीट की बात करें तो यहां से झामुमो ने पांच बार विधायक रह चुकी जोबा मांझी को उम्मीदवार बनाया है. वो वर्तमान में मनोहरपुर से विधायक हैं. पिछले चुनाव में कांग्रेस ने गीता कोड़ा को उम्मीदवार बनाया था और चुनाव जीतकर पहली बार संसद भी पहुंची थी. इस उन्होंने पाला बदलकर बीजेपी में शामिल हो गई. भाजपा ने गीता कोड़ा को सिंहभूम सिट से प्रत्याशी बनाया है.

    ये विधायक है लड रहे हैं चुनाव

    गिरिडीह सीट से टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं. मथुरा प्रसाद महतो को झामुमो ने प्रत्याशी बनाया है. इनके खिलाफ आजसू उम्मीदवार चंद्रप्रकाश चौधरी मैदान में है. सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी दूसरी बार चुनाव लड़ रहे हैं. कोडरमा से भाकपा माले ने विनोद सिंह को टिकट दिया है. बगोदर विधायक पहली बार कोडरमा से चुनाव लड़ रहे हैं. उनका मुकाबला बीजेपी सांसद अन्नपूर्णा देवी से होगा. दुमका में भी कुछ ऐसा ही है. यहां भी दो वर्तमान विधायक मैदान में हैं. यहां से भाजपा ने सीता सोरेन को टिकट दिया है, जबकि झामुमो ने नलिन सोरेन को उम्मीदवार बनाया है. सीता सोरेन जामा से विधायक हैं. उन्होंने अभी हाल में झामुमो छोड़ बीजेपी में शामिल हुई. भाजपा ने सुनील सोरेन का टिकट काटकर सीता को उम्मीदवार बनाया है. इन सभी विधायकों की इस बार के चुनाव में प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है. देखना होगा आने वाले चुनाव में कौन विधायक संसद पहुंच पाते हैं.


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