झारखंड में इंडिया गठबंधन में ऑल इज नॉट वेल! सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय तो प्रत्याशियों के एलान में देरी क्यों? चेहरों का टोटा या अभी भी सीटों की अदला-बदली की बनी हुई है गुंजाइश

    झारखंड में इंडिया गठबंधन में ऑल इज नॉट वेल! सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय तो प्रत्याशियों के एलान में देरी क्यों? चेहरों का टोटा या अभी भी सीटों की अदला-बदली की बनी हुई है गुंजाइश

    रांची (RANCHI) : लोकसभा चुनाव के एलान के बाद सभी पार्टियां चुनाव प्रचार में जुट गई है. उम्मीदवार जगह-जगह जाकर जनता से समर्थन मांग रहे हैं. भीषण गर्मी के बावजूद प्रत्याशी और उनके समर्थक लोगों के बीच जा रहें हैं. लोगों की समस्या क्या है और उनकी मांगे क्या है इसे भी विभिन्न पार्टी के नेता देख रहें हैं. झारखंड में एनडीए ने 14 लोकसभा क्षेत्रों से उम्मीदवारों के नाम का एलान कर दिया है. वहीं इंडिया गठबंधन ने कुछ ही सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा की है. राजनीतिक दल ने राज्य में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दलित, पिछड़ों, महिलाओं और सवर्णों के आंकड़ों का गुणा-गणित करने के बाद ही प्रत्याशियों का एलान हुआ है. 

    किस जाति को मिले सबसे ज्यादा टिकट

    बता दें कि भारतीय जनता पार्टी ने 14 सीटों में से तीन सीटों पर महिलाओं को मैदान में उतारा है. पांच आदिवासी प्रत्याशी को टिकट दिया है. वहीं सवर्ण, पिछड़ा और अनुसूचित जाति से उम्मीदवारों के नामों का एलान हुआ है. इंडिया गठबंधन की बात करें तो अभी तक पांच उम्मीदवारों की घोषणा की है, जिसमें तीन आदिवासी और दो पिछड़ी जाति से शामिल है.

    इंडिया गठबंधन में असमंजस की स्थिति

    झारखंड में पांच उम्मीदवारों के घोषणा के बाद भी इंडिया गठबंधन में सीट शेयरिंग का फार्मूला अभी तक तय नहीं हुआ है. जिसके कारण पार्टी के अंदर असमंजस की स्थिति हो गई है. पार्टी के वरीय नेता भी कुछ खुलकर बोल नहीं पा रहे हैं. भले ही मीडिया के सामने एकजुटता की तस्वीरें दिख रही है, लेकिन ऐसा लगता है कि इंडिया गठबंधन में ऑल इज नॉट वेल है. अभी भी अधिक से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए गठबंधन में शामिल पार्टी दांव लगा रही है. 

    इंडिया गठबंधन में सीट को लेकर चल रहा प्रेशर पॉलिटिक्स

    अभी तक खबरें ये चल रही थी कि कांग्रेस सात, झामुमो पांच, राजद और वामदल एक-एक सीट पर चुनाव लड़ेंगे. पार्टी के कई शीर्ष नेताओं ने भी यही कहा है. लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. वहीं झामुमो कांग्रेस पर सीट की अदला-बदली का दबाव बना रहा है. राजद भी दो सीट मांग रहा है. पलामू लोकसभा क्षेत्र से राजद अपना चेहरा जनता के सामने ला दिया है, लेकिन आरजेडी एक और सीट चतरा मांग रही है. आधिकारिक रूप से प्रत्याशी की घोषणा राजद ने नहीं किया, लेकिन सिंबल दे दिया है. अगर ऐसा हुआ तो झारखंड में इंडिया गठबंधन टूट जायेगा. इसी डैमेज कंट्रोल करने में पार्टी के शीर्ष नेता लगे हुए हैं. 

    झारखंड में 13 मई से मतदान का आगाज

    बता दें कि कांग्रेस ने जिन तीन सीटों पर उम्मीदवारों का एलान किया है उसमें खूंटी, हजारीबाग और लोहरदगा शामिल है.  वहीं झामुमो ने राजमहल, गिरिडीह, सिंहभूम और दुमका से प्रत्याशियों की घोषणा की है. राजद ने पलामू और वामदल ने कोडरमा से उम्मीदवार दिया है. उम्मीदवारों के घोषणा तक सब कुछ ठीक चल रहा था लेकिन बांकी सीटों पर प्रत्याशी के एलान नहीं होने के कारण ऊहापोह की स्थिति हो गई है. नेताओं और कार्यकर्ताओं भी निराश हो रहे हैं. चुकी झारखंड में चार चरण में मतदान होना है. पहला चरण का आगाज अब से एक महीने बाद 13 मई से होगा. समय भी कम है और प्रत्याशियों की घोषणा भी नहीं हो रही है. ऐसे में कार्यकर्ता चुनाव प्रचार की तैयारी कैसे करे.


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