कृषि विधेयक पारित हो जाने से फिर बढ़ेगा सरकार और कारोबारियों में टकराव,जानिए क्यों हो रहा है विरोध और सरकार क्यों चाहती है लागू करना 

    कृषि विधेयक पारित हो जाने से फिर बढ़ेगा सरकार और कारोबारियों में टकराव,जानिए क्यों हो रहा है विरोध और सरकार क्यों चाहती है लागू करना 

    धनबाद(DHANBAD): विधानसभा से शुक्रवार को कृषि विधेयक पारित हो गया. इसके साथ ही अब सरकार और व्यवसायियों में टकराव बढ़ने की संभावना भी बढ़ गई है. विधानसभा से पारित होने के बाद यह विधेयक राज्यपाल के पास जाएगा और राज्यपाल से अनुमोदित होते ही लागू हो जाएगा. इस विधेयक के पारित हो जाने से अनाज पर 2% एवं सब्जी तथा फल पर 1% टैक्स लगेगा. व्यवसाई पिछले एक साल से इसके खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं. पूरे राज्य के कारोबारी एकजुट है और इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं. व्यवसायियों का कहना है कि यह विधेयक झारखंड के व्यापारी तथा जनता के खिलाफ है .इसके खिलाफ एक साल से राज्यव्यापी आंदोलन चल रहा था ,बावजूद सरकार ने विधेयक पारित कर दिया है. तो एक बार फिर पूरे राज्य में इस विधेयक के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे. कारोबारियों का कहना है कि विधेयक लागू होने से महंगाई बढ़ेगी. झारखंड में कारोबार प्रभावित होगा. बंगाल में  टैक्स नहीं है, ऐसे में यहां का कारोबार बराकर, पुरुलिया शिफ्ट हो जाएगा. सरकार का राजस्व भी प्रभावित होगा .उन्होंने सवाल किया है कि वन नेशन, वन टैक्स लागू है फिर बाजार  शुल्क को लागू करना कहां तक न्याय संगत है. देखना है कि व्यवसायियों के आंदोलन से सरकार पीछे हटती है या यह लागू हो जाता है .वैसे भी जनता महंगाई की मार से कराह रही है.  एक के बाद एक कर  लादे जा रहे हैं .लोगों की आमदनी तो नहीं बढ़ रही है लेकिन खर्च बढ़ता जा रहा है. देखना है अब आगे होता क्या है.

    रिपोर्ट; सत्यभूषण सिंह, धनबाद 


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