धनबाद के सांसद और सिंदरी के विधायक की परीक्षा लेने को क्यों बैठी है सिंदरी, पढ़िए इस रिपोर्ट में !

धनबाद (DHANBAD) : तो क्या सिंदरी "2003 की ओर लौट रही है. उस समय तो समूची सिंदरी को खाली करने की कोशिश हुई थी. लेकिन फिलवक्त सिंदरी के कुछ हिस्से को खाली कराने का प्रयास हो रहा है. उस समय धनबाद की सांसद प्रोफेसर रीता वर्मा थी. उन्होंने सिंदरी को बचाने में सिंदरी के लोगो का सहयोग किया था. वर्तमान में धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो है. उन्होंने भी लोगों को भरोसा दिया है लेकिन, उस भरोसे कि अब अग्नि परीक्षा की बारी आ गई है. दामोदर नदी के किनारे बसे एफसीआई सिंदरी के डोमगढ़ इलाके में आक्रोश है. एफसीआई की ओर से आवास खाली करने का नोटिस दिया गया है. डोमगढ़ में रहने वाले लोगों के सामने आवास जाने का खतरा है. एफसीआई अपनी प्रॉपर्टी बता कर इसे खाली करने को कह रहा है.
लोगो को लगातार भेजे जा रहे नोटिस
लगातार नोटिस भेजे जा रहे है. लोग नोटिस लेने से इनकार भी कर रहे है. लोग आंदोलन के मूड में है. दरअसल, सिंदरी के डोमगढ़ में लगभग 15000 की आबादी है. इतनी बड़ी आबादी को खाली कराना है. वहां के लोग आवास बचाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे है. एफसीआइ पीपी कोर्ट ने आवास और भूमि को खाली करने के लिए तीन नोटिस जारी करने के बाद बेदखली पारित कर दिया है. उसके बाद से लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया है. पीपी कोर्ट के जरिए डोमगढ़ क्षेत्र के आवासों को खाली कराने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है. इस संबंध में एफसीआई का कहना है कि इस्पात मंत्रालय ने केंद्रीय उर्वरक मंत्रालय से डोमगढ़ क्षेत्र स्थित 304 एकड़ जमीन ले लिया है. केंद्रीय कार्यालय का आदेश है कि डोमगढ़ क्षेत्र को खाली कराकर सौंपना है. जबकि डोमगढ़ के लोग इस प्रयास का विरोध कर रहे है.
धनबाद के सांसद ने भी सहयोग का दिया है भरोसा
धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो ने भी लोगों को भरोसा दिया है. इस इलाके में विभिन्न श्रेणियां के आवास, खटाल, कुष्ठ ग्राम सुंदर नगर तथा कई मंदिर भी है. एफसीआइ पीपी कोर्ट ने डोमगढ़ में रह रहे लगभग 764 लोगों को बेदखली का आदेश पारित कर दिया है. इस संबंध में नोटिस भी जारी किया गया है. इससे लोग आक्रोशित है. लोगों का कहना है कि अगर बल का प्रयोग किया गया तो इसका विरोध करेंगे. डोमगढ़ में एफसीआई प्रबंधन द्वारा सालों पहले सुंदर नगर में कुष्ठ रोगियों के लिए आवास बनाकर, उन्हें बसाया गया था. उन्हें भी आवास खाली करने को कहा जा रहा है. इस समाज में भी आवास खाली करने के प्रति रोष है. लोगों का कहना है कि पहले पुनर्वास की व्यवस्था हो, तब विस्थापन पर विचार किया जाना चाहिए. एफसीआई मैनेजमेंट का कहना है कि इस्पात मंत्रालय और उर्वरक मंत्रालय के बीच डोमगढ़ की जमीन को लेकर एमओयू हो चुका है.
सेल के टासरा प्रोजेक्ट के लिए हो रही है कोशिश
सेल के टासरा प्रोजेक्ट के लिए डो मगढ़ के आवास और भूमि खाली करवाने का मंत्रालय का आदेश है. इसी के तहत पहले फेज में नोटिस देकर आवास, भूमि खाली करने को कहा गया था. इसके बाद बेदखली पारित किया गया है. अब जिला प्रशासन को पत्र लिखकर आवास और भूमि खाली करवाने का अनुरोध किया जाएगा. बता दें कि 2003 में सिंदरी को खाली करने का प्रयास हुआ था. उस समय पूरी सिंदरी को ही खाली करने की कोशिश की गई थी. इसके खिलाफ में आंदोलन हुए थे. उस समय पूरी सिंदरी एकजुट हो गई थी और सरकार को बाध्य होकर आवासों को लीज एग्रीमेंट पर देने का निर्णय लेना पड़ा था. इस बार भी डोमगढ़ को खाली करने के लिए एफसीआई मैनेजमेंट तत्पर है. लोगों में आक्रोश है. सिंदरी के विधायक चंद्र देव महतो हैं तो धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो है. इस मामले में दोनों की अब परीक्षा होने वाली है.
रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो
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