नए साल के शुरुआत में ही शेयर बाजार में झारखंड का क्यों बजने जा रहा डंका, किस कंपनी का आने जा रहा आईपीओ!


धनबाद(DHANBAD): नए साल के शुरुआत में ही शेयर बाजार में धनबाद का डंका बजने जा रहा है. बीसीसीएल आईपीओ लॉन्च करने जा रही है. संभावना है कि बीसीसीएल 1300 करोड रुपए का इशू लेकर आ रही है, जिसका वैल्यूएशन 13000 करोड़ रूपया हो सकता है. बीसीसीएल महारत्न कंपनी कोल इंडिया की सबसे बड़ी इकाई है और स्टील सेक्टर में इस कंपनी की भूमिका महत्वपूर्ण है. क्योंकि कोकिंग कोल् उत्पादन में अभी भी बीसीसीएल का देश में कोई सानी नहीं है. इसके साथ ही सीएमपीडीआईएल के इशू की भी चर्चा तेज हो गई है. कोल इंडिया बीसीसीएल और सीएमपीडीआईएल का इश्यू बाजार में लाने की तैयारी लगभग कर चुकी है. जानकारी के अनुसार इस इश्यू के लिए ICICI सिक्योरिटीज और IDBI कैपिटल मार्केट्स एंड सिक्योरिटीज को बुक रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजी रजिस्ट्रार की भूमिका निभा रहा है.
सेबी पहले ही बीसीसीएल के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस को मंजूरी दे चुका है,
सेबी पहले ही सितंबर में भारत कोकिंग कोल लिमिटेड(बीसीसीएल ) के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस को मंजूरी दे चुका है, जिससे लिस्टिंग का रास्ता साफ हो गया है. भारत कोकिंग कोल लिमिटेड(बीसीसीएल ) देश की सबसे महत्वपूर्ण कोकिंग कोल उत्पादक कंपनियों है. कोकिंग कोल का इस्तेमाल मुख्य रूप से स्टील निर्माण में होता है. इसके अलावा कंपनी नन -कोकिंग कोल और वॉश्ड कोल का उत्पादन भी करती है, जिसकी आपूर्ति स्टील और पावर सेक्टर को की जाती है. BCCL की स्थापना 1972 में हुई थी. कंपनी की खनन गतिविधियां मुख्य रूप से झारखंड के झरिया कोलफील्ड्स और पश्चिम बंगाल के रानीगंज कोलफील्ड्स में केंद्रित है.
पिछले कुछ सालों में कंपनी के उत्पादन में लगातार बढ़ोतरी हुई है
पिछले कुछ सालों में कंपनी के उत्पादन में लगातार बढ़ोतरी हुई है. FY22 में कोयला उत्पादन 30.51 मिलियन टन था, जो FY25 में बढ़कर 40.50 मिलियन टन हो गया. यानी तीन साल में करीब 33% की ग्रोथ दर्ज की गई. वहीं FY24 में कंपनी ने 39.11 मिलियन टन कोकिंग कोल और 1.99 मिलियन टन नॉन-कोकिंग कोल का उत्पादन किया, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर रहा. कोल इंडिया भारत के एनर्जी सेक्टर में बेहद अहम भूमिका निभाती है और कंपनी अपनी सात कोयला उत्पादक सहायक कंपनियों, जिनमें BCCL भी शामिल है, के जरिए देश के घरेलू कोयला उत्पादन का 80% से ज्यादा योगदान देती है.BCCL की प्रस्तावित लिस्टिंग कोल इंडिया की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह अपनी सहायक कंपनियों की वैल्यू अनलॉक करना चाहती है और उन्हें कैपिटल मार्केट के जरिए निवेशकों के लिए खोल रही है.1300 करोड़ रुपये का इश्यू का 13,000 करोड़ रुपये का वैल्यूएशन हो सकता है. इधर ,बीसीसीएल के कोयले के प्रति खरीदारों की रूचि कम हो रही है. इस वजह से प्रबंधन की परेशानी बढ़ी हुई है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
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