कौन और कब सुनेगा सहायक पुलिसकर्मियों का दर्द! हर बार आश्वाशन और वार्ता तक ही टूट जाते हैं वादे

    कौन और कब सुनेगा सहायक पुलिसकर्मियों का दर्द! हर बार आश्वाशन और वार्ता तक ही टूट जाते हैं वादे

    रांची(RANCHI): झारखंड में सहायक पुलिस कर्मियों का आंदोलन 22 दिन से जारी है. रांची के मोराहबादी मैदान में 2300 सहायक पुलिसकर्मी टेंट तंबू लगा कर आंदोलन कर रहे है. बरसात के मौसम में जान की बाजी लगा कर जमीन पर सोने को मजबूर है. हर रात इसी उम्मीद में कटती है कि जब सुबह होगी तो कोई वार्ता हो और इनके मांगों को कोई सुन लेगा. सोमवार को भी सूबे के DGP समेत अन्य पदाधिकारी वार्ता कर रहे है, लेकिन हर बार आखिरी में स्थाई के बिन्दु पर आकर मामला लटक जा रहा है.

    बता दें कि सहायक पुलिसकर्मी स्थायीकरण,एक सम्मानजनक वेतन और अन्य पुलिस को मिलने वाली सुविधा की मांग का रहे है. यह मांग लंबे समय से चल रही है. लेकिन हर बार आश्वाशन मिला, लेकिन मांग पूरी नहीं हुई. जब THENEWSPOST की टीम मोराहबादी मैदान पहुंची तो मैदान में दर्जनों की संख्या टेंट दिखा. ऐसा लग रहा है कि टेंट सिटी स्थापित की गई है, लेकिन इस टेंट के अंदर सहायक पुलिस कर्मी सो रहे थे. जब उनसे बात की तो अपने दर्द को बताया.

    आंदोलन कर रहे पुलिसकर्मियों ने बताया कि उनके आंदोलन का 22 दिन गुजर गया. हर दिन वार्ता होती है,आश्वाशन मिलता है. लेकिन कोई उनकी मुख्य मांगों पर विचार नहीं करता है. इस दौरान जब आंदोलन तेज करते है तो अधिकारी के निर्देश पर लाठियां बरसाई जाती है. लेकिन अब लाठी और डंडे सो नहीं डरेंगे. मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा. पिछले साल भी 39 दिनों तक बैठे थे. इस दौरान आश्वाशन मिला था कि सभी मांग पूरी कर ली जाएगी. जिसके बाद सभी वापस से काम पर लौट गए थे.                                   


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