माफिया के "यूथ विंग "ने पहले जो किया, अब वही उनके लिए बन गया है "काल",जानिए 2017 के बाद कैसे बना नया समीकरण 

    माफिया के "यूथ विंग "ने पहले जो किया, अब वही उनके लिए बन गया है "काल",जानिए 2017 के बाद कैसे बना नया समीकरण 

    धनबाद(DHANBAD): धनबाद का कोयला बहुत ही खास रहा है. यह राजनीतिक लोगो के चेहरे को चमकता है,तो लहू भी पीता है. माफिया को आर्थिक ताकत भी देता है. यही वजह है कि सूर्यदेव सिंह के निधन के बाद धनबाद के इस कोयले पर कई राज्यों के बाहुबलियों की नजर टिकती रही. यह बात अलग है कि इन बाहुबलियों को कोयले की काली कमाई में रंगदारी का चस्का माफिया के "यूथ विंग" ने ही लगाया. यूपी के बाहुबली चाहे ब्रजेश सिंह हो अथवा मुन्ना बजरंगी या फिर मुख्तार अंसारी. सबकी यहां निगाहें टिकी रहती हैं. मुन्ना बजरंगी तो अब इस दुनिया में नहीं है लेकिन नया समीकरण 2017 के बाद शुरू हुआ. 

    नया समीकरण 2017 के बाद शुरू हुआ

    2017 में ही पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह की अंधाधुंध फायरिंग कर हत्या करा दी गई थी. इस हत्याकांड में यूपी के अमन सिंह सहित अन्य लोग अभी भी जेल में है. अमन सिंह के गिरफ्तार होकर धनबाद पहुंचने के बाद उसने जेल से ही एक गैंग तैयार किया. उस गैंग में धनबाद कोयलांचल के लोकल अपराधियों के अलावे उत्तर प्रदेश के शूटर भी शामिल किए गए. नतीजा हुआ कि उसके बाद लगातार हमला कांड होते रहे और उसमें उत्तर प्रदेश के शुटारो के नाम आते रहे. झरिया चास नाला साउथ कॉलोनी के कोयला ट्रांसपोर्टर प्रवीण राय हत्याकांड में भी यूपी के शूटरों के शामिल होने की बात सामने आई है. पुलिस यूपी के आजमगढ़ और मऊ के शूटर अमन यादव और सोनू उर्फ पहलवान की तलाश तेज कर दी है. धनबाद पुलिस ने इन सुपारी किलर को पकड़ने के लिए यूपी के एटीएस से भी मदद ले रही है.  14 जून को प्रवीण राय पर दौड़ा-दौड़ा कर हमला किया गया था. इस मामले में पुलिस अब तक तीन आरोपियों को जेल भेज चुकी है. तीनों से पूछताछ के बाद इस हमले कांड से पर्दा उठ गया है. हत्याकांड के बाद से ही धीरज सिंह फरार है. पुलिस धनबाद, बोकारो के साथ-साथ बिहार और यूपी के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है. इस मामले में धीरज सिंह के भाई धर्मेंद्र सिंह सहित तीन को पुलिस ने जेल भेज दिया है. कई अन्य लोग पुलिस के रडार पर हैं.

    यूपी के शूटर झारखंड में ले रहे शरण 

    इधर कहा जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की वजह से शूटर झारखंड सहित अन्य जगहों पर शरण लिए हुए हैं.जहां से भी उन्हें हत्या की सुपारी मिलती है घटना को अंजाम दे रहे हैं. कहा जा सकता है कि माफिया के यूथ विंग ने पहले अपनी सुविधा के लिए जिन बाहुबली का सहारा लिया ,वही अब उनके लिए भस्मासुर की भूमिका निभा रहे है.

    रिपोर्ट: धनबाद ब्यूरो 


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