धनबाद के कुसुंडा की भूमिगत आग सड़क और रेल लाइन के लिए खतरा ,घर और दुकान समा रहे गोफ में 

    धनबाद के कुसुंडा की भूमिगत आग सड़क और रेल लाइन के लिए खतरा ,घर और दुकान समा रहे गोफ में 

    धनबाद(DHANBAD) | क्या आप  कभी  कल्पना कर सकते हैं कि राह चलते किसी भी महिला- पुरुष को जमीन निगल  जाएगी.  सुनने में यह  आपको जरूर अटपटा लग रहा होगा लेकिन धनबाद के कुसुंडा के गोंदूडीह  में कुछ महीने पहले यही हुआ था. बात यही नहीं रुकी ,  शनिवार को बंद दुकान के भीतर बड़े आकार का गोफ  बन गया, गनीमत रही की लोगों की जान बच गई. लगातार घटनाओं से सड़क रेल लाइन भी खतरे की जद में आ सकते है. धनबाद के कुसुंडा रेलवे स्टेशन रोड के अगल-बगल शनिवार की सुबह जमीन फटी.  भू धसान  हुआ, धसान  के चलते संतोष कुमार की दुकान के भीतर बड़ा सा गोफ बन गया.   चार घरों में दरारें  पड़ गई,  जहरीली गैस कार्बन मोनोऑक्साइड का रिसाव हो रहा है.  पड़ोस की दुकान भी गोफ  की जद  में आ गई. 

     गोफ से निकल रही है जहरीली गैस 

     गोफ  3 मीटर गहरा और 3 फीट से अधिक परिधि में का है.  भू धसान  से सड़क और रेल लाइन को भी खतरा हो सकता है.  सूचना पर पहुंची  रेस्क्यू टीम ने गैस रिसाव की जांच पड़ताल की.   अगल-बगल के जिनके घरों में दरार पड़ी  हैं, उनका भी मुआयना किया.  घटना के बाद से लोगों में आक्रोश है.  कुसुंडा स्टेशन सड़क के किनारे पिछले सात- आठ महीनों  से भू धसान  की घटनाएं हो रही है.  बालू भराई  के आदेश का पालन नहीं हो रहा है.  3 महीने पहले हुई धसान  की घटना में एक घर गोफ  में समा गया था.  एक व्यक्ति को बचा लिया गया था.  पांच घर वाले प्रभावित हुए थे. गोधर  इलाके को बीसीसीएल प्रबंधन ने खतरनाक घोषित कर रखा है.  इलाके को अग्नि प्रभावित घोषित किया जा  चुका है.  स्थानीय लोग सुरक्षित जगह पर बसाने  की मांग कर रहे हैं, जिस जगह पर धसान  हुआ है, वह जगह रेलवे लाइन से दो से ढाई सौ मीटर की दूरी पर है. 

    1995 से ही संकेत दे रही है  भूमिगत  आग 
     
     भूमिगत  यह आग 1995 से ही संकेत दे रही है कि अब उसकी अनदेखी खतरनाक होगी. 1995 में झरिया चौथाई कुल्ही में पानी भरने जाने के दौरान युवती जमींदोज हो गई थी. 24 मई 2017 को इंदिरा चौक के पास बबलू खान और उसका बेटा रहीम जमीन में समा गए थे. इस घटना ने भी रांची से लेकर दिल्ली तक शोर मचाया ,लेकिन परिणाम निकला शून्य बटा सन्नाटा. 2006 में शिमलाबहाल में खाना खा रही  महिला जमीन में समा गई थी. 2020 में इंडस्ट्रीज कोलियरी में शौच के लिए जा रही महिला जमींदोज हो गई थी. फिर इधर  28 जुलाई 2023 को घनुड़ीह का रहने वाला परमेश्वर चौहान गोफ में चला गया .पहले तो बीसीसीएल प्रबंधन घटना से इंकार करता रहा लेकिन जब मांस जलने की दुर्गंध बाहर आने लगी तो झरिया सीओ की पहल पर NDRF की टीम को बुलाया गया.  टीम ने कड़ी मेहनत कर 210 डिग्री तापमान के बीच से परमेश्वर चौहान के शव का अवशेष निकाला. शायद यह धनबाद कोयलांचल में गोफ में गिरे या समाए लोगों के शव का अवशेष निकालने का पहला मामला था.गोंदूडीह में तीन महिलाएं गोफ में समां गई थी.  
    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


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