झारखंड ईडी में इस साल का पहला केस धनबाद के नाम, पढ़िए प्रमोद सिंह की वजह से आठ  लोग कैसे आये लपेटे में !

    झारखंड ईडी में इस साल का पहला केस धनबाद के नाम, पढ़िए प्रमोद सिंह की वजह से आठ  लोग कैसे आये लपेटे में !

    धनबाद (DHANBAD): झारखंड  प्रवर्तन निदेशालय का  मनी लाउंड्रिंग का इस साल का पहला केस धनबाद के खाते में गया है. धनबाद में गड़बड़ी को लेकर यह किया गया है. यह गड़बड़ी 7 करोड़ रुपए का है. इस घोटाले का "किंगपिन" प्रमोद सिंह है. प्रमोद सिंह के घर पर पहले भी छापेमारी हो चुकी है. अब इस घोटाले में धनबाद के दो पूर्व सिविल सर्जन सहित नौ लोगों को आरोपी बनाया गया है. प्रवर्तन निदेशालय ने एसीबी में चल रहे मामले के आधार पर आरोपियों पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है. घोटाला कर अवैध कमाई से खरीदी गई चल-अचल संपत्ति को ईडी अटैच कर सकती है. कहा जाता है कि धनबाद के तत्कालीन दोनों सिविल सर्जन की अनदेखी की वजह से झरिया सह जोड़ापोखर स्वास्थ्य केंद्र में लगभग 7 करोड रुपए का एनआरएचएम में बड़ा घोटाला हुआ था. यह घोटाला 2016 में सामने आया था. 

    धनबाद थाना में जनवरी 2019 में प्राथमिकी  दर्ज कराई गई थी

    3 साल बाद धनबाद थाना में जनवरी 2019 में प्राथमिकी  दर्ज कराई  गई थी. बाद में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा लगने के कारण मामला एसीबी में चला गया. अब ईडी में मनी लाउंड्रिंग का केस  किया है. बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय का बिहार में बालू की हेराफेरी की जांच के लिए धनबाद में पहली बार प्रवेश हुआ था. धनबाद में रहकर बालू का कारोबार करने वाले कई लोग प्रवर्तन निदेशालय के रडार पर आये. उनकी गिरफ्तारी भी हुई. यह सब कार्रवाई पटना के प्रवर्तन निदेशालय ने की थी. लेकिन उसके बाद रांची की  प्रवर्तन निदेशालय की टीम का धनबाद में प्रवेश हुआ और प्रमोद सिंह प्रवर्तन निदेशालय के रडार पर आ गए.  प्रवर्तन निदेशालय ने प्रमोद सिंह और उनके परिजनों की 1.63 करोड रुपए की अचल संपत्ति प्रोविजनल तौर पर जब्त कर ली थी. प्रमोद सिंह कोयला का कारोबार भी करता है. वह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में संविदा पर ब्लॉक एकाउंट मैनेजर के पद पर कार्यरत था .  

    प्रवर्तन निदेशालय ने एसीबी धनबाद के दर्ज केस के आधार पर जांच शुरू की थी

    प्रवर्तन निदेशालय ने एसीबी धनबाद के दर्ज केस के आधार पर जांच शुरू की थी. जांच में पता चला है कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी(अब स्वर्गीय ) और प्रमोद सिंह संयुक्त रूप से एनआरएचएम फंड निकालने और खर्च करने के लिए अधिकृत थे. दोनों ने अपने पद का दुरुपयोग कर सरकारी धन का गवन किया. आरोपियों ने जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र झरिया सह जोड़ा पोखर को आवंटित राशि में बंदरबांट की. आरोपी सह कोयला कारोबारी प्रमोद सिंह ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र झरिया का जोड़ा पोखर धनबाद के दो बैंक खातों और पी एचसी प्रबंधन सोसाइटी, जोड़ा पोखर की एक बैंक खाते से राशि अवैध तरीके से निकाल  कर  अपने परिवार और सहयोगियों के बैंक खाते में ट्रांसफर किया. जांच में यह भी बात सामने आई कि बंदरबांट की राशि से प्रमोद सिंह ने अपने परिजनों और सहयोगियों के नाम पर चल-अचल संपत्ति अर्जित की. 

    रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो 


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