दिवाली के अगले दिन होगा आंशिक सूर्य ग्रहण, जानिए कहां -कहां पड़ेगा इसका प्रभाव


रांची (RANCHI)25 अक्टूबर दिवाली के अगले दिन आंशिक सूर्य ग्रहण होगा .भारत में सूर्यास्त के पहले अपराहन में ग्रहण आरंभ होगा और इसे अधिकांश स्थानों पर देखा जा सकेगा. सूर्य ग्रहण अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा उत्तर पूर्व भारत के कुछ स्थान जिसमें आइजोल, डिब्रूगढ़, इंफाल, इटानगर, कोहिमा, सीबसागर, सिलचर,तमलोंग में इसका असर नहीं दिखाई देगा. ग्रहण का अंत भारत में नहीं दिखाई देगा,क्योंकि वह सूर्यास्त के बाद भी जारी रहेगा, देश में उत्तर पश्चिमी हिस्सों में अधिकतम ग्रहण के समय सूर्य पर चंद्रमा द्वारा आच्छदान लगभग 40 से 50% के बीच होगा देश के अन्य हिस्सों में ग्रहण का प्रतिशत मान से कम है.
भारत में अगला ग्रहण 8 नवंबर को
दिल्ली मुंबई में अधिकतम ग्रहण के समय चंद्रमा द्वारा सूर्य के आच्छदान का प्रतिशत 44% और 24% के लगभग होगा. ग्रहण की अवधि शुरू होने से लेकर सूर्यास्त के समय तक दिल्ली और मुंबई में 1 घंटे 13 मिनट और 1 घंटे 19 मिनट की होगी. चेन्नई और कोलकाता में ग्रहण की अवधि शुरू से लेकर सूर्यास्त के समय तक 1:30 मिनट और 12 मिनट की होगी. सूर्य ग्रहण यूरोप मध्य पूर्व अफ्रीका के उत्तर पश्चिम एशिया उत्तर अटलांटिक महासागर और हिंद महासागर के क्षेत्रों में दिखाई देगा. भारत में अगला ग्रहण 8 नवंबर2022 को मंगलवार को लगने वाला है. भारत के सभी स्थानों से दिखाई देगा.
अगला सूर्य ग्रहण 2 अगस्त 2027 को दिखाई देगा
देश में अगला सूर्य ग्रहण 2 अगस्त 2027 को दिखाई देगा. वह पूर्ण सूर्य ग्रहण होने वाला है. देश के सभी हिस्सों से आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप में परिलक्षित होगा. अमावस्या को सूर्य ग्रहण कब घटित होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है और वो तीनो एक सीध में स्थित हो जाते हैं. आंशिक सूर्यग्रहण तब होता है. जब चंद्र चक्रिका सूर्य चक्रिका को आंशिक रूप से ही ढक पाती है.
नंगे आँखों से नहीं देखना चाहिए सूर्य ग्रहण
थोड़ी देर के लिए भी नंगी आंखों से सूर्य ग्रहण को नहीं देखना चाहिए. चंद्रमा सूर्य के अधिकतम हिस्सों को ढक दें तब भी खाली आंखों से नहीं देखना चाहिए, क्योंकि यह आंखों को स्थाई नुकसान पहुंचा सकता है,जिससे अंधापन हो सकता है. सूर्य ग्रहण को देखने की सबसे सही तकनीक है काले पॉलीमर, कांच का उपयोग और टेलिस्कोप के माध्यम से श्वेत पट पर सूर्य की छाया का प्रक्षेपण कर देखना चाहिए.
भारत में सूर्य ग्रहण का प्रभाव रहेगा?
25 अक्टूबर को होने वाला सूर्य ग्रहण भले ही भारत में आंशिक रूप से दिखेगा, लेकिन इसका असर वातावरण और आम लोगों पर भी पड़ेगा. इसलिए सूतक काल और ग्रहण के समय सावधानियां रखनी होगी. सूतक काल और ग्रहण के दौरान मंदिर और घरों के पूजा स्थल बंद रखें. मूर्तियों को न छूएं. खान-पान से परहेज रखें. बूढ़े, बच्चे और बीमार ग्रहण से तीन घंटे पहले खाना खा लें. ग्रहण अवधि में मंत्र जाप ध्यान और कीर्तन करें. इस समय दान देना चाहिए. ग्रहण खत्म होने के बाद पूजा स्थल और पूरे घर में गंगाजल छिड़ककर शुद्धि करें
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