पाकुड़ के मालपहाड़ी रेलफाटकों पर मंडरा रहा मौत का साया, ROB निर्माण की मांग तेज

    पाकुड़ के मालपहाड़ी रेलफाटकों पर मंडरा रहा मौत का साया, ROB निर्माण की मांग तेज

    पाकुड़(PAKUR): झारखंड को पश्चिम बंगाल से जोड़ने वाली अंतरराज्यीय मालपहाड़ी सड़क पर स्थित 1C और 2C रेल फाटक आज आम जनता के लिए अभिशाप बनते जा रहे है. हर दिन सैकड़ों वाहन इन फाटकों को पार करते हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर न तो कोई चौकीदार है, न अलार्म, और न ही कोई चेतावनी व्यवस्था. इस बदहाल व्यवस्था ने इन रेलफाटकों को मौत के मुहाने में बदल दिया है.

    स्वास्थ्य संकट में यही मार्ग बना जीवन रेखा

    पाकुड़ जिला पहले से ही सीमित स्वास्थ्य संसाधनों से जूझ रहा है.गंभीर मरीजों को अक्सर पश्चिम बंगाल ले जाना पड़ता है और मालपहाड़ी मार्ग ही उनका एकमात्र सहारा होता है. लेकिन विडंबना यह है कि जिस रास्ते से मरीज अस्पताल जाते है, वही रास्ता जाम में फंसकर जानलेवा बन जाता है.एंबुलेंसें घंटों जाम में फंसी रहती हैं, और कई बार जीवन रुक जाता है.

    खुले हाथ से संचालित फाटक, हर वाहन किस्मत के भरोसे

    1C और 2C रेल फाटक पूरी तरह हाथ से संचालित होते है.यहां न तो चौकीदार तैनात हैं, न ही कोई तकनीकी सुरक्षा व्यवस्था.भारी वाहन जब पार करते हैं तो फाटक से टकराते हैं, और कभी-कभी यही टक्कर हादसे का कारण बनती है.ऊपर से 25 हजार वोल्ट की बिजली लाइन इन दोनों फाटकों को और भी खतरनाक बना देती है.

    हादसे का भयावह आंकड़ा, विभागों की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने की होड़

    अब तक इन दोनों रेलफाटकों पर कई दुर्घटनाएं हो चुकी है.टोटो, बाइक, ऑटो से लेकर हाईवा तक हर तरह के वाहन हादसों का शिकार हो चुके है.ईस्टर्न जोनल रेलवे पैसेंजर्स एसोसिएशन (ईजेरप्पा) के प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में इन रेलगेटों का निरीक्षण किया.निरीक्षण के दौरान सिग्नल विभाग के कनिष्ठ अभियंता रणधीर पासवान ने स्थिति पर असमर्थता जताते हुए कहा कि 1C रेलगेट इंजीनियरिंग विभाग के अधीन है जबकि 2C पश्चिम बंगाल पावर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (WPDCL) के अंतर्गत आता है. यहां से प्रतिदिन औसतन 14 कोयला रेक गुजरती हैं, जो जाम को और भी भयावह बनाती है.

    ईजेरप्पा ने ROB निर्माण की उठाई मांग

    एसोसिएशन के अध्यक्ष हिसाबी राय ने इसे सिर्फ ट्रैफिक की नहीं, बल्कि जीवन और मृत्यु से जुड़ी लड़ाई बताया,उन्होंने रेलवे मंत्रालय और संबंधित विभागों से दोनों रेलफाटकों पर अविलंब रोड ओवर ब्रिज (ROB) निर्माण की मांग की है.उनका कहना है कि अगर अब भी ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में बड़ी जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता.

    रिपोर्ट-नंदकिशोर मंडल


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news