झारखंड के नए डीजीपी रह चुके हैं धनबाद के एसपी, अच्छे से जानते हैं यहां का इतिहास और भूगोल, तो क्या अब कोयलांचल को मिलेगा अपराध से छुटकारा

    झारखंड के नए डीजीपी रह चुके हैं धनबाद के एसपी, अच्छे से जानते हैं यहां का इतिहास और भूगोल, तो क्या अब कोयलांचल को मिलेगा अपराध से छुटकारा

    धनबाद (DHANBAD) : झारखंड के नए डीजीपी अजय कुमार सिंह को बनाए जाने का आदेश जारी होते ही कोयलांचल में एक चर्चा शुरू हो गई. लोग सवाल कर रहे हैं कि क्या इसे कोयलांचल को कुछ लाभ मिलेगा ? यहां के अपराध पर कोई अंकुश लगेगा?  दिन दोपहर जो यहां गोलियां चल रही हैं, उस पर रोक लग सकेंगी. आर्थिक अपराधियों की बढ़ती ताकत को काबू में किया जा सकेगा ? यह सब प्रश्न इसलिए किए जा रहे हैं क्योंकि अजय कुमार सिंह धनबाद के एसपी रह चुके हैं. अगस्त 2004 से मई 2005 तक धनबाद के एसपी रहे थे. धनबाद के हर गतिविधियों से वाकिफ होंगे. लोकल अधिकारियों की रिपोर्ट पर भरोसा करने के बजाय उनके पास धनबाद के इतिहास और भूगोल की जो जानकारी होगी, उसके अनुसार वह काम करेंगे.

    अपराध के कार हमेशा ही सुर्खियों में रहा धनबाद

    कोयला क्षेत्र होने के कारण धनबाद वैसे तो हमेशा ही अपराध में सुर्खियां बटोरता है लेकिन हाल के कुछ दिनों में परिस्थितियां कुछ अलग हो गई हैं. ताबड़तोड़ हत्या की जा रही है. कोयला चोरी के कारण भी कई गैंग की ताकत बढ़ गई हैं. इस कारण सुपारी देकर हत्या करा देने का प्रचलन बढ़ गया है. मामला चाहे जमीन कारोबार से जुड़े लोगों का हो. कोयला चोरी से जुड़े लोगों का हो अथवा रंगदारी वसूलने का हो, यह काम यहां बेधड़क, बेखौफ चल रहा है. इसमें थोड़ा भी बाधक बनने वालों को रास्ते से हटा दिया जा रहा है. धनबाद के कुछ मामले तो ऐसे हैं जिनको पुलिस सुलझा नहीं पा रही है, या उनका खुलासा नहीं कर पा रही है. लेकिन ऐसे भी कई मामले हैं जिसमें पुलिस सब कुछ जानते हुए भी हाथ पर हाथ धरकर बैठी हुई है. लोगों को उम्मीद है कि अजय कुमार सिंह के डीजीपी बनने के बाद धनबाद पर उनका फोकस होगा और जो मामले पुलिस ठंडे बस्ते में डालकर निश्चिंत है. उनका  खुलासा होगा. कोयलांचल में हाल के दिनों में जो बदलाव आया है कि पहले कुछ चिन्हित माफिया गैंग होते थे. जिनकी कुछ खास लोगों से ही दुश्मनी होती थी. आम आदमी को कोई परेशानी नहीं होती थी. लेकिन अभी छोटे-छोटे गैंग बन गए हैं. इस वजह से घटनाएं भी बढ़ी है और लोगों में भय और दहशत का इजाफा हुआ है. रंगदारी के लिए ताबड़तोड़ फायरिंग करा देना, हत्या करा देना आम बात है. हत्या की जिम्मेवारी लेना और इस बहाने दहशत का माहौल कायम करना यहां का रूटीन बन गया है. ऐसे में नए डीजीपी से धनबाद के लोगों को उम्मीद रहेगी.

    अपराधियों का ठिकाना

    वैसे कोयलांचल में अपराध का जुड़ाव बिहार सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश से रहता है. झारखंड के ही अपराधी कोयलांचल में अपराध नहीं करते बल्कि बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के अपराधियों का भी यहां ठिकाना होता है. इनके भरोसे कई अपराध किए जाते हैं. रंगदारी नहीं देने पर घर पर चढ़कर फायरिंग करने का सिलसिला थम नहीं रहा है. अभी 4 दिन पहले ही आउटसोर्सिंग के ऑफिसर राजेश यादव पर उनके घर के पास ही फायरिंग की गई. संयोग अच्छा था कि उनकी जान बच गई. फायरिंग किसने की, क्यों की, इसका अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है.

    रिपोर्ट : सत्यभूषण सिंह, धनबाद


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