झारखंड कांग्रेस के मंत्रियो पर आलाकमान का "चाबुक" , इस तरह करिये काम ,नहीं तो चली जाएगी कुर्सी !!


धनबाद (DHANBAD) : विश्वश्त सूत्रों के अनुसार झारखंड में कांग्रेस कोटे के मंत्रियों पर "चाबुक" चल गया है. अब वह बहुत आसानी से कांग्रेस विधायकों की बातों को अनसुनी नहीं कर पाएंगे. अगर अनसुनी करेंगे तो मंत्री की कुर्सी भी जा सकती है. यही निर्देश आलाक़मान ने कांग्रेस के मंत्रियों को दे दिया है. झारखंड में कांग्रेस के मंत्री और विधायको की लड़ाई में कौन जीता, कौन हारा ,किनको क्या फायदे हुए ,इस पर बहस चल रही है ,लेकिन सूत्र इस बात का दावा कर रहे हैं कि झारखंड में कांग्रेस के विधायकों के नियंत्रण में ही अब मंत्री जनमुद्दों के काम करेंगे. बता दें कि मंत्री इरफान अंसारी और विधायक दल के नेता प्रदीप यादव के बीच के विवाद, विधायक ममता देवी का ऑडियो लीक मामले के बाद कांग्रेस आलाकमान के कान खड़े हुए, फिर कई को दिल्ली बुलाया गया. कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल ने इसमें हस्तक्षेप किया और मंत्रियों को कड़ी हिदायत दी. कहा कि सुधर जाइए, नहीं तो कुर्सी चली जाएगी. साथ में यह संदेश भी स्पष्ट कर दिया कि अब हर मंत्री चार विधायकों के साथ समन्वय बनाकर काम करेंगे.
झारखंड में कांग्रेस कोटे के कुल चार मंत्री है, 16 विधायक है
झारखंड सरकार में कांग्रेस कोटे के चार मंत्री हैं और कांग्रेस के 16 विधायक है. यानी एक -एक मंत्री, चार विधायकों को भरोसे में लेकर जनमुद्दों पर काम करेंगे . इसमें अगर किसी एंगल से कोताही हुई तो मंत्री की कुर्सी भी जा सकती है. कांग्रेस मंत्री-विधायकों का यह विवाद केवल सदन तक सीमित नहीं था , बल्कि सार्वजनिक मंचों पर भी तीखी बयानबाजी हो रही थी. प्रदीप यादव और डॉक्टर इरफान अंसारी के बीच विवाद इतना बढ़ गया था कि विधानसभा अध्यक्ष को भी हस्तक्षेप करना पड़ा था. दरअसल, यह विवाद कोई एक दिन का गुस्सा नहीं है. झारखंड में मंत्रिमंडल गठन के बाद से ही असंतोष की बयार बहने लगी थी. कई विधायक मंत्री पद नहीं मिलने के बाद दिल्ली चले गए थे और काफी समझाने के बाद लौटे थे. तभी से ही कांग्रेस के भीतर खींचतान चल रही है.
प्रदीप यादव के विधानसभा में आरोप पर खूब हुई थी तू-तू-मैं-मैं
प्रदीप यादव ने अपने विधानसभा क्षेत्र में 25 करोड रुपए की चोरी का सनसनीखेज आरोप लगाया. इस पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी नाराज हो गए और उन्होंने कहा कि किसी तरह की शिकायत थी, तो विधायक दल के नेता पहले व्यक्तिगत रूप से बात करते, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इस बीच कांग्रेस विधायक दल की बैठक का ऑडियो बहार आ गया. फिर क्या था -भूचाल मच गया. इधर, डॉ इरफान अंसारी न केवल कांग्रेस के मंत्रियों के निशाने पर हैं, बल्कि भाजपा के नेता भी उन पर लगातार निशाना साध रहे है. झारखंड में कांग्रेस नेतृत्व पर बड़ी जवाबदेही है कि मंत्रियों को कैसे एक धागे में बांधकर रख सके. कांग्रेस के मंत्री और विधायकों के बीच खींचतान का यह कोई पहला मौका नहीं है. पहले भी हुआ है. आलाकमान ने पहले भी खबरदार किया था . फिर किया है. देखना है इस नए आदेश का पालन होता है अथवा सबकुछ पहले की तरह ही चलता है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
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