कोयले का काला धंधा, नहीं हो रहा मंदा -आखिर क्यों, जानिए वजह

    कोयले का काला धंधा, नहीं हो रहा मंदा -आखिर क्यों, जानिए वजह

    धनबाद(DHANBAD) : काला हीरा वाला कोयलांचल. कम मेहनत में अधिक धन कमाने का तरीका अपनी गर्भ में छुपाए रखने वाला कोयलांचल, कई नेताओं को विधायक, सांसद से मंत्री बनाने वाला कोयलांचल, में आर्थिक अपराध रोकने की आवाज तो उठती है. लेकिन, यह उत्साह में अधिक और विश्वास में कम होती है. कोयलांचल में माफिया हैं, माफिया के यूथ विंग हैं, सफेदपोश हैं, ऐसे में यहाँ काले हीरे की लूट की अजब-गजब कहानी है. लूट में शामिल लोगों की आर्थिक ताकत इतनी अधिक है कि कोयला उत्पादन कंपनी को ही चोरी रोकने के लिए कोई न कोई राह खोजनी पड़ती है. जिला और पुलिस प्रशासन को विशेष अभियान चलाना पड़ता है. फिर भी कोयला चोरी नहीं रुकती.

    इलाका बांटकर होता है अवैध माइनिंग

    इलाका बांटकर कोयला चोर काम करते हैं, इलीगल माइनिंग करते हैं, बीसीसीएल से उत्पादित कोयले की चोरी करते हैं. इस चोरी में बड़े-छोटे कई गिरोह हैं. गिरोह का तो दावा यह होता है कि चाहे कोई नियम-कानून बन जाए, उनका धंधा कभी मंदा नहीं होगा. कोयलांचल में पिछले एक वर्ष में कोयला चोरी का तो इतिहास बन गया है. इतना कोयला चोरी पहले कभी नहीं हुआ था और आगे भी शायद होगा, इसमें संदेह है. कोयला उत्पादन कंपनी बीसीसीएल उपाए तो ढूंढती है, लेकिन कोयला चोरी पर अंकुश नहीं लगा पाती.

    शनिवार को बीसीसीएल के महाप्रबंधको के समन्वय बैठक में एक बार फिर यह मुद्दा जोर-शोर से उठा. मामला तो लोहा चोरी का भी उठा और उसे रोकने की तरकीब भी सुझाए गए. लोहा चोरी रोकने के लिए बीसीसीएल के सभी एरिया में पड़े स्क्रैप का आंकड़ा तैयार कर उसे नीलाम कर देने पर जोर दिया गया. जबकि कोयला चोरी रोकने के लिए वेब्रिज को अधिक से अधिक कारगर बनाने को कहा गया.

    बीसीसीएल के कई एरिया में होती सर्वाधिक कोयला चोरी

    वेब्रिज से इस बात का पता चलेगा कि जितना कोयला डंप से लोड हुआ,उतना कोयला साइडिंग तक पहुंचा है भी कि नहीं.  इससे आंकड़ा मिलेगा की रोज कितने कोयले की चोरी हो रही है. आपको बता दें कि इसके पहले बीसीसीएल ने कोयला चोरी रोकने के लिए रेलटेल की सेवा लेने का निर्णय लिया है. सर्वेक्षण के मुताबिक, बीसीसीएल के चार एरिया कुसुंडा, सिमलाबाहाल, बस्ताकोला और कतरास से कोयले की सर्वाधिक चोरी होती है और यहां रेलटेल की मदद से अंकुश लगाने का लगभग निर्णय लिया जा चुका है. आपको बता दें कि इन इलाकों में सिर्फ उत्पादित कोयले की चोरी नहीं होती, बल्कि कोयले का अवैध उत्खनन भी बेधड़क होता है. बीसीसीएल के पास सीआईएसएफ की भारी फौज है, अधिकारी हैं, सभी कोलियारियां किसी न किसी पुलिस थाने के अंतर्गत आती हैं, फिर भी कोयला चोरों की यहां समानांतर व्यवस्था चल रही है. यह व्यवस्था इसलिए भी नहीं टूटती कि 'लक्ष्मी' को कोई नाराज नहीं करना  चाहता.


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news