करीब चार महीने से धरना दे रहे टाना भगतों ने आज क्यों मनाया शोक दिवस, जानिये उनकी व्यथा

    करीब चार महीने से धरना दे रहे टाना भगतों ने आज क्यों मनाया शोक दिवस, जानिये उनकी व्यथा

    रांची(RANCHI): राजधानी रांची में राजभवन के समक्ष पिछले 120 दिनों से धरना दे रहे टाना भगतों आज आजादी के अमृत महोत्सव को नहीं मनाया. जबकि टाना भगत प्रतिदिन झंडा की पूजा सुबह फूल चढ़ा कर करते हैं.लेकिन आज उन्होंने शोक दिवस के रूप में मनाया.  उनका कहना है कि आजादी के अमृत महोत्सव के नाम पर  गरीब जनता को छलने  का प्रयास किया जा रहा है.

    मांग को रखकर अनिश्चितकालीन धरना 

    उनका कहना है कि पूर्वजों के द्वारा हमें यह संस्कार दिया गया है. घंटी बजाकर अपने पूर्वजों को सन्देश देते हैं, हम जल जंगल जमीन की सुरक्षा कर रहे हैं. टाना भगत राजभवन के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन पर बैठकर संविधान का अनुपालन करने की मांग कर रहे हैं. 4 महीने से धरना पर बैठकर दिन रात टाना भगत अपनी मांग को रखकर अनिश्चितकालीन धरना पैर बैठे हैं. उनकी मांग है कि उन्हें अबतक सरकार ने जमीन नहीं दी, न ही उनके जल, जंगल और जमीन का संरक्षण ही सरकार कर पा रही है.

    कविता में बयां किया दर्द सरकार पर साधा निशाना 

    क्यों मनाये हम अमृत महोत्सव, स्वान खाये दूध भात, बच्चे भूखे व्याकुल, हर सर को छत नहीं बेटी बहन सुरक्षा का मांगे भीख 
    फिर हम क्यों मनाएं अमृत महोत्सव, आओ  हमसब मिलकर अफ़सोस  दिवस मनायें, क्यों मनायें हम अमृत महोत्सव 
    रसोइया से प्रोफेसर तक आज पड़ा है सड़क पर बेकार, नेता मंत्री घूम रहे बीएमडब्लू ऑडी कार, चारों तरफ है लूट कांड, क्यों सोई है सरकार, मजबूर है जान गवाने को मजदुर किसान फिर हम क्यों मनाएं अमृत महोत्सव आओ हम सब मिलकर बनाये अफ़सोस दिवस. फिर क्यों आज  क्यों बेटी बहन  बाल बच्चे घर द्वार घर द्वार छोड़कर बैठी हैं सड़कों पर,"आओ हम सब मिलकर मनाएं अफ़सोस दिवस."


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