तो क्या 12000 करोड़ कोल इंडिया मैनेजमेंट के गले की फांस बनेगा,जानिए क्यों उहापोह में है प्रबंधन 

    तो क्या 12000 करोड़ कोल इंडिया मैनेजमेंट के गले की फांस बनेगा,जानिए क्यों उहापोह में है प्रबंधन 

    धनबाद(DHANBAD): क्या 12000 करोड़ कोल इंडिया प्रबंधन के गले की फांस बनेगा, क्या यह रकम कर्मचारियों से वापस ली जाएगी, क्या ढाई लाख कोल इंडिया के कर्मचारी  नाराज चल रहे हैं ,क्या कोल इंडिया में औद्योगिक संबंध बिगड़ सकते हैं. यह सब सवाल इसलिए उठ रहे हैं कि कोयला वेतन समझौता 11 सवालों में घिर गया है. कोयला कर्मचारियों को 23 महीने के एरियर मद में करीब 12000 करोड रुपए का भुगतान किया जा चुका है. समझौते के बाद कोयला कर्मियों को नया वेतन भी मिलने लगा है. लेकिन जब से कोयला वेतन समझौता 11 की वैधता पर सवाल उठे हैं, कोल इंडिया मैनेजमेंट भी उहापोह में है.  

    क्या रद्द हो जाएगा कोयला वेतन समझौता 11 

    पहले तो जबलपुर उच्च न्यायालय ने अधिकारियों की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कोयला वेतन समझौता 11 को खारिज कर दिया. हालांकि इस आदेश के खिलाफ कोल इंडिया मैनेजमेंट अपील कर चुका है. इधर ,कोयला मंत्रालय ने कह दिया है कि कोल इंडिया मैनेजमेंट ने गलत जानकारी देकर नए वेतन समझौते पर मंजूरी ली है. इस आशय का एक पत्र कोयला मंत्रालय ने डिपार्मेंट आफ पब्लिक इंटरप्राइजेज, कोल इंडिया के अध्यक्ष और कार्मिक निदेशक को भेजा है. इसके बाद यह सवाल उठाना बहुत ही स्वाभाविक है कि यदि कोयला वेतन समझौता 11 रद्द हो जाता है, तो कोल इंडिया के कर्मचारियों को अब तक दिया गया नया वेतन और एरियर मद का क्या होगा. क्या यह राशि कर्मचारियों से वापस ली जाएगी. इस मामले में यूनियन नेता भी गंभीर हैं. उनका मानना है कि यदि वेतन समझौता खारिज हो जाता है और एरियर मद में भुगतान किए जा चुके 12000 करोड रुपए की रिकवरी की नौबत आई तो कोल इंडिया का औद्योगिक संबंध प्रभावित हो सकता है .

     5 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक 3 दिन की कोल इंडिया में हड़ताल की घोषणा

    इधर, ट्रेड यूनियन नेताओं ने 5 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक 3 दिन की कोल इंडिया में हड़ताल की घोषणा की है .उनका दावा है कि यदि सितंबर माह का वेतन नए वेतन समझौता के अनुसार नहीं मिलता है तो हड़ताल अवश्य संभावित है और अगर हड़ताल होती है तो कोयला उत्पादन और कोयले का डिस्पैच दोनों प्रभावित होंगे. बिजली उत्पादन पर भी इसका असर पड़ सकता है. देखना होगा इस मामले में आगे आगे होता है क्या?

    रिपोर्ट: धनबाद ब्यूरो 


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