जामताड़ा में आसमानी आफत, बिजली गिरने से बंजारों का उजड़ा परिवार, महिला समेत तीन बच्चों की मौत

    जामताड़ा में आसमानी आफत, बिजली गिरने से बंजारों का उजड़ा परिवार, महिला समेत तीन बच्चों की मौत

    टीएनपी डेस्क(Tnp desk):-रविवार को झारखंड में भारी बारिश हुई, इस दौरान जामताड़ा में पानी के साथ-साथ आसमानी आफत ने भी कहर मचा दिया. जिसके चलते एक बंजारे का परिवार उजड़ गया. आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला समेत तीन बच्चे की मौत हो गई. रविवार की शाम नारायणपुर थाना क्षेत्र के चंदाडीह लखनपुर गांव में एक ही परिवार के चार लोगों ने अपने प्राण गंवा दिए. बताया जा रहा है कि बंजारों का कुछ परिवार टेंट बनाकर पिछले कुछ दिनों से यहां रह रहा था. शाम के करीब छह बजे बारिश के दौरान तेज आवाज के साथ यकायक टेंट पर बिजली गिर गई. इसके चलते टेंट पूरी तरह जलकर खाक हो गया. इसके अंदर सो रहे चार लोगों की मौत मौके पर ही हो गई. मृतकों की पहचान पश्चिम बंगाल के कोटशिला के धुनू चौधरी की पत्नी 25 वर्षीय नेहा चौधरी, बेटा 11 वर्षीय अंकित चौधरी, पांच वर्षीय गगन चौधरी और बेटी एक वर्षीय ईच्छा कुमारी के रूप में हुई.

    नारायणपुर अस्पताल में भर्ती

    बिजली गिरने से धनु चौधरी तो बाल-बाल बच गये, लेकिन, घटना के समय टेंट में कुल सात लोग सौ रहे थे. इसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से 108 एंबुलेंस को फोन कर घटना की जानकारी दी गई, जिसके बाद सबो को नारायणपुर सीएससी लाया गया. यहां आयुष चिकित्सक डॉक्टर दिलीप बराई ने जांच के बाद मौत की पुष्टि की और सभी को जामताड़ा अस्पताल भेज दिया गया, जहां देर रात चारों को डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत करार दिया. सबसे अधिक विकट स्थिति ये देखने को मिली कि यहां डॉक्टरों की हालत ये थी कि इलाज तो दूर मौत तक की पुष्टि कर पाने में भी असमर्थ दिख रहे थे. बंजारों का  परिवार उजड़ जाने से अस्पताल परिसर में ही मातम का माहौल था . गमजदा परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था .

    पीड़ित परिवार से मिले विधायक इरफान अंसारी

    जामतड़ा विधायक इरफान अंसारी सूचना मिलने के बाद पहुंचे औऱ पीड़ित परिवारों से मुलाकत कर धांधस बंधाया. इस दौरान विधायक नारायणपुर सीएचसी के संचालन पर सवाल उठाया औऱ कहा कि यहां इलाज भगवान भरोसे हो रहा है. यहां के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी श्रीकृष्ण गुप्ता धनबाद में रहते हैं. उन्होंन अस्पताल के इंतजामात पर सवाल खड़ा किया और कहा कि यहां के डॉक्टर धनबाद में रहकर नौकरी करते हैं. जो बर्दाश्त से बाहर है. उन्होंने कहा कि ये कैसी व्यवस्था है कि मौत होने के बाद भी डॉक्टर पुष्टि नहीं कर पा रहें हैं. उन्हें परेशान करने के लिए सदर अस्पताल जामताड़ा भेजा जाता है. जामताड़ा विधायक इरफान ने कहा कि अस्पताल को सरकार की तरफ से सारे संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं, इसके बावजूद सीएससी में अंधेरा कायम रहता है. इसकी जांच की जानी चाहिए. उन्होंने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही. उन्होंने ऐसी व्यवस्था को मानवता को शर्मसार करने वाला बताया. इसके साथ ही मृतक के परिजनों को हर संभव सरकारी लाभ दिलाने की बात कही.

    रिपोर्ट- आर.पी सिंह 

     


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