धनबाद से चौंकानेवाली खबर:जीएसटी घोटाले के तार झारखंड से यूपी तक,निरसा के गरीब गुरबों के साथ कैसे हुआ बड़ा "खेल"


धनबाद: धनबाद से एक चौंकाने वाली खबर निकल कर आई है. यह खबर अंतर प्रांतीय घोटालेबाजों से जुड़ी है. अस्तित्वविहीन (शेल) कंपनी बनाकर घोटाला करने के तार यूपी और धनबाद से जुड़ गए है.
उत्तर प्रदेश में पिछले साल हुए लगभग₹400 करोड़ के जीएसटी घोटाले के मामले में धनबाद के निरसा से आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है. सूत्र बताते हैं कि पिछले साल यूपी के 500 से अधिक कंपनियों की जांच की गई थी. जिसमें सैकड़ो फर्जी पाई गई थी. भौतिक सत्यापन में उनका अस्तित्व कहीं नहीं था.
उसके बाद इस पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई थी. टीम ने जांच में लगभग 400 करोड रुपए की गड़बड़ी का खुलासा किया था. फर्जी कंपनी पर करोड़ों रुपए के टर्नओवर का पता चला था. इस संबंध में मुकदमा भी दर्ज हुआ था. जांच में पता चला कि इसमें कुछ लोग धनबाद के निरसा के भी शामिल हैं. यूपी पुलिस ने निरसा पुलिस की मदद से इस मामले में कई जगहों पर छापेमारी की. इनमें आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया .
सबसे आश्चर्यजनक बात है कि जिन लोगों की गिरफ्तारी हुई है, उन्हें कुछ पता भी नहीं है और उनके नाम पर कंपनी बनाकर बड़ा खेल किया गया है. आरोप है कि निरसा के लोगों को झांसे में लेकर उनसे पहले कागजात लिए गए और फिर फर्जी कंपनी बना ली गई.निरसा आठ लोगों के नाम पर फर्जी कंपनी बनाकर जीएसटी की गड़बड़ी की गई है.
बता दे कि झारखंड राज्य कर विभाग भी जांच में कई अस्तित्व विहीन कंपनियों का खुलासा किया है और 300 करोड़ से भी अधिक की गड़बड़ी का पता लगाया है. मतलब कहा जा सकता है कि अस्तित्व विहीन कंपनियां के नाम पर खेल करने वालों का तार दूसरे प्रदेशों से भी जुड़ा हुआ है और इसमें बड़े-बड़े लोग शामिल हैं.
हालांकि धनबाद में पकड़ा रही अस्तित्व विहीन कंपनियां के खेल को कोयला चोरी से भी जोड़कर देखा जा रहा है. बताया जाता है कि धनबाद में₹300 प्रतिटन कि दर से जीएसटी फॉर्म अस्तित्वविहीन कंपनियों के नाम पर उपलब्ध कराए जाते हैं. और इसमें कई गैंग शामिल हैं.
रिपोर्ट : धनबाद ब्यूरो
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