कोल इंडिया के पौने तीन लाख कर्मचारियों को झटका,समझौते के अनुसार भुगतान पर संशय के बादल
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धनबाद(DHANBAD): महारत्न कंपनी कोल इंडिया के लगभग 2,75000 कर्मियों को झटका लगा है. नए वेतन समझौते के संबंध में 22 जून 2023 को निकले गए आदेश को जबलपुर हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है. कोर्ट ने डिपार्टमेंट ऑफ़ पब्लिक एंटरप्राइजेज को संबंधित मामले की सुनवाई का आदेश दिया है .कहा गया है कि 60 दिनों के भीतर सभी पक्षों को सुनने के बाद निर्णय लें. अगर लगता है कि इसमें कोई भी विसंगति नहीं हुई है, तो कोयला मंत्रालय वेतन समझौते से संबंधित आदेश जारी कर सकता है.
वेतन समझौता होने के बाद कोल इंडिया के अधिकारियों ने जबलपुर हाईकोर्ट में मामला दर्ज कराया था. कहा था कि वेतन समझौता से कर्मचारियों का वेतन अधिकारियों से अधिक हो गया है. यह कैबिनेट से पारित डिपार्मेंट आफ पब्लिक इंटरप्राइजेज की गाइडलाइन का उल्लंघन है. अब आगे समझौते के अनुसार कोल इंडिया वेतन और एरिया भुगतान जो कर रहा है, वह जारी रहेगा अथवा रोक दिया जाएगा.
पे अपग्रेडेशन को लेकर जल्द ही जारी हो सकती अधिसूचना
इधर ,कोल इंडिया प्रबंधन महारत्न कंपनियों की तर्ज पर कोयला अधिकारियों के पे अपग्रेडेशन के प्रस्ताव को पहले ही मंजूरी दे दी है. इसे कोयला मंत्रालय को भेजा गया है. जानकारी के मुताबिक जल्द ही मंत्रालय से अधिसूचना जारी हो सकती है. अगर ऐसा हुआ तो राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौता 11 के लागू होने के बाद अधिकारी और कर्मचारियों की वेतन भी विसंगतियां दूर हो जाएगी. वैसे जबलपुर हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ मजदूर संगठन के नेताओं ने संकेत दिए हैं कि वह ऊपरी अदालत में इसे चुनौती देंगे. कोल इंडिया भी अपने लीगल सेल से सलाह ले रहा है. हो सकता है कि सिंगल बेंच के आदेश के खिलाफ डबल बेंच में अपील दायर किया जाए.
रिपोर्ट: धनबाद ब्यूरो
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