राजस्व में संथाल कैसे बना अव्वल और कैसे उद्योगिक शहर जमशेदपुर हो गया चौपट,जानिए इसके पीछे कि कहानी

    राजस्व में संथाल कैसे बना अव्वल और कैसे उद्योगिक शहर जमशेदपुर हो गया चौपट,जानिए इसके पीछे कि कहानी

    रांची(RANCHI): झारखंड में सरकार राजस्व वसूली को लेकर एक्शन में है. झारखंड मंत्रालय में राजस्व वृद्धि-वसूली और समाधान को लेकर गुरुवार को समीक्षा बैठक कि गई. बैठक में मंत्र राधा कृष्ण किशोर वाणिज्य कर सचिव अमिताभ कौशल, वाणिज्य आयुक्त अमित कुमार के साथ विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे. इस दौरान सर्कल के हिसाब से राजस्व वसूली में सबसे बेहतर संथाल परगना रहा जबकि सबसे कम जमशेदपुर का आकडा है. जिसपर विभागीय मंत्री ने नाराजगी जताया है.    

    दिसंबर तक  लक्ष्य प्राप्ति आंकड़ो में संताल परगना में - 75.92,रांची - 55.43 ,हजारीबाग - 54.55 ( कमी आई ),जमशेदपुर - 49.44 ( कमी आयी ) धनबाद - 57.38 ( कमी आयी ) पर है. अब बचे हुए तीन माह में टैक्स वसूली एक बड़ी चुनौती है. मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने जमशेदपुर के कम राजस्व वसूली पर अधिकारियों से सवाल पूछा. आखिर इतना पीछे क्यों रह गया. इसपर विभिन्न बिंदुओं पर अधिकारी ने मंत्री को ध्यान आकृष्ट कराया है.

    अधिकारी की ओर से बताया गया कि जमशेदपुर में कई कंपनी है. खास कर टाटा मोटर से सबसे अधिक राजस्व प्राप्ति होती है. लेकिन बीते कुछ महीनों में प्रोडक्शन कम हुआ है. जिसका खामियाजा यह है कि राजस्व  कि वसूली में कमी आई है. अधिकारी के इस जवाब पर मंत्री और विभाग के अधिकारी ने इस मुद्दे पर टाटा कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक कर रास्ता निकालने का आदेश दिया है. साथ ही अन्य श्रोत से अपने टारगेट को पूरा करने का आदेश दिया गया है.

    इसके अलावा संथाल परगना अपने टारगेट में सबसे आगे है. टैक्स वसूली के मामले में 75.02 प्रतिशत लक्ष्य को पूरा कर दिया है.ऐसे में बाकी सर्कल को सख्त आदेश दिया गया है कि 31 मार्च तक अपने टारगेट को पूरा करने का काम करें.

    बता दे कि सभी क्षेत्र को मिला कर 26 हजार करोड़ का टारगेट रखा गया है. जिसमें अब तक मात्रा 61 प्रतिशत ही टैक्स कि वसूली हो पाई है. बाकी बचे टारगेट को 31 मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.  


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news