Putkee Blasting Case: जान की कीमत साग-सब्जी की तरह क्यों लगाती है बीसीसीएल, विधायक जयराम ने ऐसा क्यों कहा, पढ़िए !

    Putkee Blasting Case: जान की कीमत साग-सब्जी की तरह क्यों लगाती है बीसीसीएल, विधायक जयराम ने ऐसा क्यों कहा, पढ़िए !

    धनबाद (DHANBAD) : कोयलांचल में हैवी ब्लास्टिंग एक बड़ी समस्या बन गई है. शायद-डीजीएमएस के बगैर आदेश और निर्देश के भी आउटसोर्सिंग कंपनियां ब्लास्टिंग कर रही है. बीसीसीएल के पुटकी बलिहारी क्षेत्र में संचालित जीटीएस आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा भी कुछ ऐसा ही करने का मामला सामने आया है. गुरुवार को ब्लास्टिंग से उड़ा पत्थर आबादी वाले इलाके में पहुंच गया. कई घर क्षतिग्रस्त हो गए. लालू बाउरी नामक व्यक्ति भी पत्थर की चपेट में आ गया. वह गंभीर रूप से घायल हो गया था. उसकी खोपड़ी खुल गई थी. उसे स्थानीय स्तर पर इलाज के बाद बोकारो बीजीएच रेफर किया गया. शनिवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. परिजन और स्थानीय लोग शव को लेकर पुटकी बलिहारी  क्षेत्रीय कार्यालय पहुंच गए और प्रदर्शन करने लगे. 

    सांसद-विधयक भी पहुंचे, फिर आगे क्या हुआ 
     
    मुआवजा और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर धरना पर बैठ गए. पुलिस भी पहुंची. सूचना पाकर डुमरी विधायक जयराम महतो और सांसद ढुल्लू  महतो शनिवार को मौके पर पहुंचे. कई घंटे की वार्ता के बाद 10 लाख मुआवजा और आउटसोर्सिंग कंपनी में मृतक के आश्रित को नियोजन पर सहमति बनी. मृतक के पुत्र का कहना है कि आउटसोर्सिंग कंपनी के हैवी ब्लास्टिंग से उसके  पिता की जान गई है. वही, डुमरी विधायक जयराम महतो ने कहा कि घटना काफी दुर्भाग्य पूर्ण है.  ब्लास्टिंग के दौरान पत्थर उड़कर उनके सिर पर लगा और उनकी मौत हो गई. पूरा परिवार शव को लेकर धरने पर बैठा हुआ है. लोग एक तरफ होली के हर्षोल्लास में डूबे हुए हैं, वहीं दूसरी ओर एक परिवार मातम के साथ धरना दे रहा है.  

    अधिकारियों की संवेदनाएं धीरे-धीरे मरती जा रही-विधायक 
     
    अधिकारियों की संवेदनाएं धीरे-धीरे मरती जा रही है, जो जीवन गया है,उसे लौटा नहीं सकते,लेकिन नियमतः जो होना चाहिए, उसे करने की जरूरत थी. वार्ता को लेकर उन्होंने कहा कि बीसीसीएल प्रबंधन लोगों की जान की कीमत साग-सब्जी की तरह लगा रहा है. एक लाख रुपए कहीं से भी मुआवजे का औचित्य नहीं बनता है. पहले एक लाख देने की बात अधिकारी कर रहे थे. धनबाद सांसद ढुल्लू महतो ने कहा कि बीसीसीएल और आउटसोर्सिंग कम्पनी की लापरवाही के कारण मजदूर की मौत हुई है. वार्ता में आश्रित को 10 लाख मुआवजा और कम्पनी में आश्रित को नियोजन दिया जाएगा. कहा कि डीजीएमएस के नियमो का पालन आउटसोर्सिंग कम्पनिया नही कर रही है. आये दिन ऐसी घटनाएं हो रही है. लोगो में इसको लेकर  काफी गुस्सा है. बता दें कि धनबाद के पुटकी में गुरुवार को ब्लास्टिंग से उड़े पत्थर में घायल लालू  बाउरी  की शनिवार को मौत हो गई थी.   

    शनिवार को मुआवजा और एक्शन के लिए किया गया प्रदर्शन 

    शनिवार को परिजन एवं आक्रोशित ग्रामीणों ने लाश को बीसीसीएल के पीबी  एरिया के गेट पर रखकर नौकरी और मुआवजा की मांग कर रहे थे. इस मामले में तीन कोयला अधिकारियों सहित आउटसोर्सिंग कंपनी के संचालक पर भी पुलिस में केस हुआ था. बताया गया है कि टूटी ईंट लेने ट्रैक्टर चालक लालू बाउरी गया था. वह ड्राइविंग सीट पर बैठा था और मजदूर ट्रैक्टर में ईट लोड कर रहे थे. इसी दौरान हैवी ब्लास्टिंग से एक बड़ा पत्थर उड़कर ट्रैक्टर का पर्दा फाड़ते हुए उसके सिर पर गिर पड़ा. इस घटना से उसकी खोपड़ी खुल गई. जल्दबाजी में स्थानीय लोगों ने उसे एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया. वहां से उसे बोकारो रेफर कर दिया गया. शनिवार को उसकी मौत हो गई. उसके बाद आश्रित को नौकरी, मुआवजा की मांग पर प्रदर्शन किया गया.  

    रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो 


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