OMG! इस बारिश में भी illegal mining-निरसा में दो जगहों पर भरभराई कोयले की चट्टान से दो मौत की सूचना, पुलिस का इंकार !

    OMG! इस बारिश में भी illegal mining-निरसा में दो जगहों पर भरभराई कोयले की चट्टान से दो मौत की सूचना, पुलिस का इंकार !

    धनबाद (DHANBAD) :  बारिश के कारण चट्टान भरभरा कर गिर गई कह रहे हैं कि कोई घटना नहीं हुई है, लेकिन शनिवार को निरसा एवं पंचेत में अवैध खनन के दौरान चाल धंसने से दो मजदूरों की मौत हो जाने की खबर है. सूत्रों के अनुसार यह घटना लुचीबाद और राजा कोलियरी ओसीपी में घटी है. घटना के बाद कोयला तस्कर अपने गुर्गो  की मदद से लाश को लेकर चले गए है. पुलिस भी इस घटना से इनकार कर रही है. कह रही है कि यह केवल अफवाह मात्र है. लेकिन बताया जाता है कि राजा कोलियरी ओसीपी में रोज की तरह शनिवार को भी लगभग दर्जनों मजदूर कोयला काटने पहुंचे थे. 

    बारिश के कारण चट्टान भर-भरा कर गिरी और हुई दुर्घटना 

    बारिश के कारण चट्टान भर-भरा कर गिर गई. जिससे कोयला काट रहे एक युवक की मौत घटनास्थल पर भी हो गई. इस घटना के बाद कुछ लोग पहुंचे भी और उन लोगों ने नारेबाजी की थी. दूसरी घटना पंचेत के लुचीबाग में हुई है. रोज की तरह शनिवार को भी पश्चिम बंगाल के मजदूर अवैध खनन कर रहे थे. सूत्र बताते हैं की नदी किनारे तस्करों की निजी खदानें चलती है. अवैध खनन के दौरान चाल  धंस  गई, जिससे  यहां भी एक व्यक्ति की मौत घटनास्थल पर भी हो गई. पंचेत पुलिस भी घटना से इनकार कर रही है.  

    परिवार के चुप रहने की तो यह रहती है मज़बूरी 

    कोयलांचल का तो यह इतिहास ही रहा है, कि घटना हो जाने के बाद लाश गायब करा दी जाती है. परिवार वाले भी चुप रहते या तो उन्हें तस्करों का भय होता या फिर केस -मुकदमे में फंसने का डर, इस वजह से कई घटनाएं सामने नहीं आती है. पेट के खातिर जो मजदूर जान जोखिम में डालकर कोयला काटते हैं, उन्हें तो केवल दिनभर की मजदूरी मिलती है. लेकिन कोयला तस्कर या "रिमोट" से कोयल का अवैध उत्खनन कराने वाले मालामाल हो जाते है. सवाल उठता है कि कोयला कंपनियों के पास सीआईएसफ का भारी फ़ौज है, इलाके में पुलिस के थाने भी है. बावजूद कैसे अवैध खनन होता है, यह अपने आप में एक बड़ा सवाल है.  

    सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने अभी हाल ही में क्या देखा था 

    अभी हाल ही में बाघमारा क्षेत्र में जब गिरिडीह के सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी पहुंचे थे, तो बांस-बल्ली लगाकर कोयला काटते देखकरआश्चर्य में पड़ गए थे. उन्होंने आवाज लगाकर कोयला काटने वालों को बाहर निकलवाया था. उनके सामने कम से कम दो-तीन लोग बाहर निकले थे. बाहर में प्लास्टिक से ढक कर कोयले की बोरियां रखी हुई थी. मतलब साफ है कि इस बरसात जहां लगातार बारिश से कोयलांचल  का जर्रा-जर्रा हिल गया है, वहीं अवैध खनन करने वाले जान जोखी में डालकर कोयला काट रहे है. दरअसल, यह  मजदूर बाहर से लाये जाते है. उनके रहने- खाने की व्यवस्था कोयला तस्कर करते है.  कोयला काटने वाले बहुत ट्रेंड नहीं होते है. 

    कोयला काटने वाले "रैट होल"  के जरिए कोयले के चट्टान तक पहुंचते हैं

    "रैट होल"  के जरिए वह कोयले के चट्टान तक पहुंचते हैं और फिर खतरनाक परिस्थितियों में कोयला काटते है. इधर, बताया जाता है कि शनिवार को कतरास थाना के न्यू आकाशकिनारी कोलियरी  में संचालित आउटसोर्सिंग कंपनी के डंप  के पीछे छाताबाद 10 नंबर में अवैध उत्खनन स्थल की डोजरिंग कराई गई. मौके पर बीसीसीएल के अधिकारी, कतरास थाने की पुलिस और सीआईएसएफ के जवान मौजूद थे. सूत्रों के अनुसार जिस जगह पर अवैध मुहाना बनाया गया था, उससे कुछ ही दूरी पर धनबाद -चंद्रपुरा रेल लाइन भी गुजरी है. पिछले कई दिनों से यहां अवैध उत्खनन किया जा रहा था. जिसके बाद अवैध मुहाने की भराई कराई गई है. 

    रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो 


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