अब न्यायालय भी होंगे पेपर-लेस, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गोड्डा सिविल कोर्ट में तैयारी शुरु, पढ़ें क्या है ई-कोर्ट

    अब न्यायालय भी होंगे पेपर-लेस, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गोड्डा सिविल कोर्ट में तैयारी शुरु, पढ़ें क्या है ई-कोर्ट

    गोड्डा(GODDA): सरकारी कार्यालयों, गैर सरकारी संस्थानों, बैंकिंग सेवाओं के बाद अब न्यायालयों को भी पपेर-लेस बनाने की तैयारी हो रही है. उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर रांची हाई कोर्ट के दिशा निर्देश पर झालसा के तत्वाधान में गोड्डा व्यवहार न्यायालय के लाइब्रेरी हाल में अधिवक्ताओं को ई-कोर्ट की ट्रेनिंग दी गई. ई-कोर्ट के कार्यशाला में झालसा की तरफ से मास्टर ट्रेनर अजित कुमार सहाय द्वारा 75 अधिवक्ताओं तथा 15 क्लर्क को ट्रेनिंग दी गयी.

    क्या है ई-कोर्ट

    मास्टर ट्रेनर अजित कुमार सहाय ने ई-कोर्ट के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि जिस तरह सभी कार्यालय कार्यों को पेपर-लेस किया जा रहा है, उसी तरह न्यायालय के कार्यों को भी पेपर-लेस बनाने की पहल माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा की जा जाने की तैयारी चल रही है. इसमें मुखतः जितने भी मामले न्यायालय में निबंधित होंगे वो सभी ऑनलाइन होंगे. जिनसे न सिर्फ अधिवक्ताओं बल्कि वादी और प्रतिवादी हैं वो अपने मेल की अद्यतन स्थिति की जानकारी ऑनलाइन ही घर बैठे जानकारी प्राप्त कर सकेंगे. इसके अलावे उच्च न्यायालय,उच्चतम न्यायालय या फिर किसी भी न्यायालय में उनके अगर किसी तरह के मुक़दमे चल रहे हैं उनकी तारीखों से लेकर तारीखों पर होने वाली कार्यवाई को अगले दिन जानकारी उपलब्ध हो जाएगी.

    क्या कहा गोड्डा कोर्ट के अधिवक्ताओं ने

    शनिवार को हुए गोड्डा व्यवहार न्यायालय में हुए इस सातवें कार्यशाल के दौरान गोड्डा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशिल कुमार झा ने अपने संबोधन में कहा कि ई-कोर्ट हो जाने के बाद इससे हम अधिवक्ता और भी सशक्त होंगे और कार्यों में पारदर्शिता रहेगी.बार के महासचिव योगेश चन्द्र झा ये पहल ई-फाइलिंग के द्वारा सशक्त बनाया जा जा रहा है. कार्यशाला के दौरान एल डीसी प्रमुख संजय कुमार सहाय, राहुल सिंह, रितेश सिंह और मीडिएटर मोहम्मद असलम, अजय साह सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ता एवं लिपिक मौजूद थे.

    रिपोर्ट-अजीत


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