भाजपा प्रदेश कार्यालय में पीएम के आगमन को लेकर बैठक, बाबूलाल मरांडी ने भाजपा सरकार की उपलब्धि को गिनाया

    भाजपा प्रदेश कार्यालय में पीएम के आगमन को लेकर बैठक, बाबूलाल मरांडी ने भाजपा सरकार की उपलब्धि को गिनाया

    रांची(RANCHI):15 नवंबर का दिन झारखंड के लिए अपने आप में गौरव वाला दिन है. 15 नवंबर को धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा का जन्मदिन है इसके साथ राज्य गठन भी 15 नवंबर को ही हुआ. और अब आदिवासी गौरव दिवस भी इसी तिथि में मनाया जाता है. इसी 15 तारीख को भगवान बिरसा मुंडा के गांव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहुंच रहे हैं. भगवान बिरसा मुंडा के वंशज से मुलाकात करेंगे.लेकिन इससे पहले भाजपा प्रदेश कार्यालय में बैठक हुई और फिर प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने प्रेस वार्ता कर भाजपा सरकार की उपलब्धि को गिनाया साथ ही वर्तमान राज्य सरकार पर  निशाना साधा है.

    15 तारीख का दिन एक इतिहासिक दिन : बाबूलाल मरांडी

    बाबूलाल मरांडी ने कहा कि 15 तारीख का दिन एक इतिहासिक दिन है. जिसने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ कर अपनी शाहदत दी .जब राज्य का अलग गठन हुआ तो उसकी तिथि भी 15 नवंबर ही रखी गई .NDA की सरकार ने झारखंड के लोगों को अलग राज्य की सौगात दी.और पिछले दो वर्ष से 15 नवंबर को ही आदिवासी जनजाति गौरव दिवस मनाने का निर्णय लिया. इस बार आदिवासी गौरव दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिरसा मुंडा के गांव पहुंचेंगे. देश के पहले प्रधानमंत्री है जो आदिवासी के लिए काम कर रहे है. भगवान बिरसा मुंडा के वंसज से प्रधनमंत्री की मुलाकात होगा.उसके जन्म स्थली पर जाएंगे और उन्हें श्रद्धांजलि देंगे.

    भाजपा ने राज्य की क़ानून व्यवस्था को बेहतर करने की दिशा में काम किया

    बाबूलाल मरांडी ने कहा कि 15 नवंबर झारखंड के लिए एक यादगार पल है. जब 2000 में अलग राज्य मिला तो यहां साथ साथ माओवादी भी मिले.यहां के जंगलों में माओवादियों का कब्जा था. बंकर बना कर अपने आप को माओवादी जंगल में सुरक्षित रह रहे थे. इनके डर से किसान अपनी जमीन छोड़ कर शहर की ओर रुख कर गए. लेकिन जब हमारी सरकार बनी तो उग्रवादियों पर नकेल कसना शुरू किया.भाजपा के तीन तीन मुख्यमंत्री राज्य में रहे क़ानून व्यवस्था को बेहतर करने की दिशा में काम किया. लेकिन फिर हेमन्त सोरेन सरकार सत्ता में आई तो उग्रवादियों और अपराधियों को खुली छूट मिल गई.कोयलांचल में खून की नदी बह रही है.अपराधी खुलेआम गोली चला रहे है.और जनता की सुरक्षा करने वाले पुलिस अधिकारी वसूली में लगे है.किसी भी राज्य में उसके मुखिया की पहली प्राथमिकता रहती है लोगों की सुरक्षा लेकिन हेमन्त सोरेन सरकार की पहली प्राथमिकता लूट और वसूली है. राज्य में भर्ष्टाचार चरम पर है.हर ओर लूट मची हुई है.राज्य का मुखिया खुद भर्ष्टाचार के दल दल में फसा हुआ है.जब ईडी से बुलावा आया तो पांच पांच समन के बाद भी वह हाज़िर नहीं हुए.लेकिन ईडी को विधि सम्मत कार्रवाई करेंगे.

     रिपोर्ट: समीर 


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