डीजे प्रतिबंध के विरोध में मनीष जायसवाल ने सदन में फाड़ा कुर्ता, कहा हिंदू होना क्या झारखंड में गुनाह है

    डीजे प्रतिबंध के विरोध में मनीष जायसवाल ने सदन में फाड़ा कुर्ता, कहा हिंदू होना क्या झारखंड में गुनाह है

    रांची(RANCHI): झारखंड में रामनवमी और सरहुल पर्व में डीजे बैन का मामला धीरे-धीरे गंभीर मुद्दों का रूप ले रहा है. आज झारखंड विधानसभा सत्र शुरू होते ही भाजपा के विधायकों द्वारा सदन के अंदर औऱ बाहर रामनवमी औऱ सरहुल में डीजे प्रतिबंध को लेकर हंगामा किया गया है. भाजपा विधायकों का कहना है कि झारखंड सरकार आखिर सब जगह डीजे पर प्रतिबंध क्यों लगा रही है. सरकार जुलूस निकालने में भी रुकावट लगा रही है. झारखंड सरकार एक वर्ग को खुस करने के लिए ये सारे काम कर रही है. भाजपा विधायकों का कहना है कि रामनवमी में जुलूश निकालने का परंपरा हमारा प्राचिन परंपरा है, इस पर रोक लगाना यह उचित नहीं है.

    हजारीबाग विधायक ने सदन में अपना कुर्ता फांडा

    इसी बीच सदन के अंदर हजारीबाग विधायक मनीष जायसवाल ने सदन में आसन के सामने अपना कुर्ता को फाड़ दिया. इस दौरान उन्होंने कहा कि सदन के पहले दिन से वह सवाल उठा रहे है कि रामनवमी में पांच हजार से अधिक लोगों पर 107 का केस किया गया. केस वैसे लोगों पर किया गया जिनका जुलूस से कोई लेना देना नहीं है, युवा गरीब और अन्य दुकानदारों पर केस किया गया. इसके अलावा डीजे को बंद किया गया है क्या हजारीबाग के लोग तालिबान में रह रहे हैं आखिर हिंदू होना झारखंड में क्या गुनाह है. पूरे दुनिया में सबसे अलग तरीके से रामनवमी  हजारीबाग में होता है. लेकिन वहां के थानेदार डीजे वालों के घर जा कर केस करने की धमकी दे रहे है. सभी डीजे वालों से एक बांड बनाया जा रहा है. आखिर हजारीबाग भारत का हिस्सा नहीं है. जो यहां रामनवमी में डीजे बंद किया जा रहा है. सरकार तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है. राम भक्तों को ठेस पहुंचा कर एक विशेष समुदाय के लोगों को खुश करने में लगे है. उन्होंने कहा कि सदन में कुर्ता फाड़ने का ही एक आखिरी रास्ता बचा था. कुर्ता फाड़ कर सदन को बताया कि आखिर एक पक्ष के लोगों के लिए सदन नहीं है, यहां सभी के मुद्दे को जवाब देना होता है.

    रिपोर्ट: समीर हुसैन 


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