LS 2024: खूब जम रही चाय की राजनीति, देवघर में सांसद ने बनाई चाय तो जलपाईगुड़ी में ममता बनर्जी ने पिलाई चाय

    LS 2024: खूब जम रही चाय की राजनीति, देवघर में सांसद ने बनाई चाय तो जलपाईगुड़ी में ममता बनर्जी ने पिलाई चाय

    धनबाद(DHANBAD): 2024 के चुनाव में भी चमकेगी चाय की किस्मत. यह कोई जुमला नहीं,बल्कि हकीकत है. हमारी चाय अच्छी तो हमारी चाय उससे भी अच्छी का नारा अभी से बुलंद होने लगी है. लोकसभा चुनाव 2024 में चाय पर राजनीति कम, चाय की राजनीति अधिक हो रही है. इस राजनीति में केवल उम्मीदवार ही नहीं बल्कि स्टार प्रचारक भी शामिल हैं. यहां तक की पार्टी के सुप्रीमो भी चाय बनाने और लोगों को पिलाने से परहेज नहीं कर रही हैं.

     निशिकांत दुबे और ममता बनर्जी के बीच जोड़ 

    झारखंड के गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी में कम से कम कहा जा सकता है कि होड़ मची हुई है. देवघर के टावर चौक पर अगर सांसद निशिकांत दुबे चाय बनाते दिख जाएं तो आप क्या सोचेंगे. स्वाभाविक है भीड़ जुट जाएगी. लोग भी देखने के लिए उतावले हो जाएंगे. फिर अगर सांसद के हाथ की चाय की प्याली अगर आपको मिल जाए, तो फिर सेल्फी तो बनाती ही है. फिर यह चर्चा तो गांव देहात तक चली जाएगी. देवघर के टावर चौक पर मंगलवार को यह दृश्य देखने को मिला. इसी तरह बुधवार को बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी जलपाईगुड़ी के दौरे पर थी. उन्हें भी चाय बनाने और बांटने की इच्छा हुई. अचानक उनका काफिला एक चाय दुकान के सामने रूक गया. ममता बनर्जी सीधे दुकान में प्रवेश कर गई और चाय बनाने लगी. दुकानदार भी अपने को निश्चित रूप से सौभाग्यशाली समझा होगा. उसकी छोटी सी दुकान में उसके प्रदेश की मुख्यमंत्री पहुंची थी. और चाय बनाकर लोगों को पिलाया. मतलब यहां भी चाय के बहाने चुनाव प्रचार मकसद रहा होगा. यह अलग बात है कि जिनकी दुकानों पर ऐसे लोग पहुंचेंगे, वह भी अपने कस्टमर से इसकी चर्चा करेंगे.

    धनबाद के लोग बताते हैं कि बिहार के मुख्यमंत्री (उस समय झारखंड नहीं बना था) लालू प्रसाद यादव तोपचांची के एक होटल में खाना खाया था. उसकी तस्वीर लोगों ने खूब लगाई थी .उस होटल में बहुत दिनों तक यह तस्वीर टंगी हुई थी. मुख्यमंत्री के खाना खाने से दुकान की साख भी बढ़ी थी. अभी यह तस्वीर होटल में अभी है अथवा नहीं, यह नहीं कहा जा सकता. लेकिन इस बार चाय पर कम, चाय की राजनीति अधिक होती दिख रही है. वैसे निशिकांत दुबे यह कहकर चर्चा में आ गए हैं कि गोड्डा से यदि झारखंड मुक्ति मोर्चा प्रत्याशी उतारता है या कांग्रेस प्रदीप यादव को प्रत्याशी बनाती है, तो मैं चुनाव प्रचार नहीं करूंगा. नामांकन करने गोड्डा जरूर जाऊंगा. उसके बाद देवघर में बैठकर कहीं चाय पिऊंगा तो कहीं खाना खाऊंगा. रिजल्ट लेने के लिए ही गोड्डा जाऊंगा .वैसे निशिकांत दुबे के इस कथन पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक स्टीफन मरांडी का कहना है कि निशिकांत दुबे भ्रम फैला रहे हैं. संथाल परगना में झारखंड मुक्ति मोर्चा को कोई हरा नहीं सकता है. भाजपा हमारे सामने कहीं नहीं टिकेगी.

    रिपोर्ट: धनबाद ब्यूरो 


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