ईसाई धर्म छोड़ एक ही परिवार के 13 सदस्य ने किया घर वापसी, अब नहीं होंगे बहकावे का शिकार 

    ईसाई धर्म छोड़ एक ही परिवार के 13 सदस्य ने किया घर वापसी, अब नहीं होंगे बहकावे का शिकार 

    लोहरदगा (LOHARDAGA) : लोहरदगा जिला अंतर्गत सेन्हा प्रखंड क्षेत्र के मैनाटोली गांव में एक ही परिवार के 13 सदस्य एक साथ ईसाई धर्म को छोड़ सरना धर्म में 12 पड़हा बेल के नेतृत्व में घर वापसी किया. 2012 में आदिवासी धर्म को छोड़ ईसाई धर्म के प्रलोभवन और अंधविश्वास में आ कर तोड़ार मैनाटोली निवासी सुखराम उरांव के पूरे परिवार ने अंधविश्वास में आकर सरना धर्म छोड़कर ईसाई धर्म में चले गए थे. जिसका पढ़ा समिति ने सरना धर्म में घर वापसी करा दिया. परिवार में सुखराम उरांव, राजेश खलखो, रिता खलखो,सुरजी उरांव,हीरा खलखो,मिनी खलखो,चन्द्रदेव खलखो,राजू खलखो,सोनाली खलखो,अमन खलखो,सचिन खलखो,प्रीति खलखो सरना धर्म को छोड़ धर्म परिवर्तन कर ईसाई धर्म में शामिल हो गए थे. वहीं सुखराम उरांव ने ईसाई धर्म अपनाकर अपना नाम प्रेमदान खलखो रख लिया था. जिसके बाद सरना समाज हरकत में आई और विधि विधान के साथ पूरे परिवार को सरना धर्म में घर वापसी कराई पूरे परिवार ने भी समाज का बात मानते हुए अपनी इच्छानुसार पुनः आदिवासी धर्म अपनाने का इच्छा जाहिर करते हुए सरना रीति रिवाज से घर वापसी का प्रस्ताव 12 पड़हा बेल के समक्ष रखते हुए घर वापसी किया.

    रोग विकार के कारण बहकावे में आए थे लोग 

    सरना समाज के चौकनी पड़हा बेल दीपेश्वर भगत ने जानकारी देते हुए कहा कि गांव में ही पाहन पुजार द्वारा आदिवासी रीति रिवाज से पूजन करा कर एक ही परिवार के 13 सदस्यों को उसके स्वेच्छा से सरना समाज में शामिल किया गया है. वहीं ईसाई धर्म को छोड़ पुनः घर वापसी पर उन सभी परिवार आदिवासी धर्म अपनाने के पश्चात कहा की अपना धर्म ही सर्व श्रेष्ठ है और रोग विकार के कारण बहकावे में आकर ईसाई धर्म में चले गए थे लेकिन वहा जाने के बाद भी कोई लाभ नहीं मिला और समाज के लोग सभी कार्यक्रम में भाग लेने से भी मना करते थे. जिस कारण पुनः अपने समाज में घर वापसी किया और जो लोग भी सरना समाज से धर्म परिवर्तन किए वो भी आदिवासी समाज में घर वापसी कर ले अपना ही धर्म सर्वश्रेष्ठ है किसी के बहकावे में या कोई लालच में अब दूसरे धर्म को नही अपनाएगें. इस घर वापसी कार्यक्रम के मौके पर कई गांव के लोग और समाज के लोगों के साथ ढेर संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे. जिले में गरीब आदिवासी परिवार को ईसाई मिशनरियों द्वारा प्रलोभन देकर ईसाई धर्म में धर्म परिवर्तन करा दिया जाता है जिसका अब सरना समाज विरोध कर धर्म वापसी करा रही है. लोग अपने धर्म में वापस आकर अब खुश दिख रहे हैं.

    रिपोर्ट : गौतम लेनिन, लोहरदगा 


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