हूल दिवस के बहाने राजनीति साधने में लगे नेता और विधायक, राष्ट्रपति चुनाव के लिए कही ये बात


दुमका(DUMKA): 30 जून 1855 को साहेबगंज के भोगनाडीह से सिदो, कान्हू, चांद, भैरव और फूलो झानो के नेतृत्व में संताल आदिवासी समुदाय के लोगों ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फूंका था. जिसकी याद में प्रत्येक वर्ष 30 जून को हूल दिवस के रूप में मनाया जाता है. आज हूल दिवस के मौके पर सुबह से ही दुमका के पोखरा चौक पर स्थापित हूल क्रांति के नायक सिदो कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की भीड़ लगी रही. हूल दिवस के बहाने राजनीति भी हुई. सबसे ज्यादा राजनीति राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को लेकर देखने को मिली.
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नेताओं ने ये कहा
द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति प्रत्याशी बनाए जाने पर भाजपा नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया. पूर्व मंत्री लुईस मरांडी ने कहा कि आदिवासी समाज की एक महिला देश की प्रथम नागरिक बनने जा रही है. यह पूरे समाज के लिए गर्व का विषय है. वही झामुमो की तरफ से विधायक स्टीफन मरांडी ने कहा कि भाजपा ने आदिवासी कार्ड खेला है] वैसे इस मुद्दे पर पार्टी आलाकमान का निर्णय मान्य होगा. वही जामा विधायक सीता सोरेन ने कहा कि अंतिम फैसला पार्टी आलाकमान को लेना है लेकिन एक आदिवासी महिला होने के नाते उन्हें इस बात की खुशी है कि समाज की महिला देश की राष्ट्रपति बनने जा रही है और पार्टी को भी समर्थन करनी चाहिए. वही विधायक नलिन सोरेन की पत्नी और जिला परिषद अध्यक्ष जाएस बेसरा ने कहा कि द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्रपति बनना पूरे समाज के लिए गर्व का विषय है.
रिपोर्ट: पंचम झा, दुमका
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