दुमका (DUMKA) : संथाल परगना टेनेंसी एक्ट में जमीन का मामला इस कदर उलझ जाता है कि न्याय की आस में लोगों को आमरण अनसन पर बैठना पड़ता है. ऐसा ही एक मामला दुमका में देखने को मिला. शहर के गिलानपड़ा स्थित शिव मंदिर परिसर में वार्ड पार्षद सीमा देवी और उनके पति संतोष भदौरिया मंगलवार से आमरण अनशन पर बैठे हुए थे. रविवार को सदर अंचलाधिकारी जामुन रविदास स्थल पर पहुच कर दंपति का अनसन आश्वासन देकर समाप्त कराया और दंपति को स्वास्थ्य जांच के लिए फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया.
क्या है मामला
संतोष का आरोप है कि उसकी जमीन पर दूसरे लोगों द्वारा कब्जा किया जा रहा है. कहा कि वर्ष 1990 में उनके दादा को रैयत सुधीर चंद्र खां दान पत्र के माध्यम से जमीन दी थी. तब से उस जमीन का उपयोग करते आ रहे हैं. मार्च 2021 में सुधीर के बेटे मानिक खां ने प्रमोद चंद्र मोदी व अन्य लोगों के साथ मिलकर बना हुआ घर गिरा दिया, लूटपाट व मारपीट भी की गई. यह भी बताया कि अरुण कुमार और मानिक खां ने प्रमोद चंद्र के नाम वह जमीन कर दी है. दान की जमीन को बिना दादा की अनुमति के कैसे बेच दिया गया इसके लिए अनुमंडल पदाधिकारी के यहां मामला दर्ज कराया गया.
कोर्ट में हाजिर होने के लिए भेजा गया नोटिस
एसडीओ के न्यायालय से पहले उनके पक्ष में फैसला आया. लेकिन जब दूसरे पक्ष द्वारा रिव्यु के लिए आवेदन दिया गया तो एसडीओ की अदालत ने अपने पूर्व के फैसले को निरस्त करते हुए संतोष के निर्णय सुनता गया. संतोष ने इस निर्णय को उपायुक्त के न्यायालय में चुनौती दी. 11 अप्रैल को दोनों पक्षों को डीसी के कोर्ट में हाजिर होने के लिए नोटिस भेजा गया है. संतोष का आरोप है कि इसके बाद भी दूसरे पक्ष द्वारा जबरन जमीन पर कब्जा किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जब तक न्यायालय का फैसला नहीं आता है तब तक जमीन पर उनका हक है.
जमीन पर लगा धारा 144
दंपति का आमरण अनसन समाप्त कराने शुक्रवार को सदर अंचल अधिकारी जामुन रविदास और नगर थाना प्रभारी अरविंद कुमार पहुचे थे. लाख समझाने के बाद भी संतोष ने अनसन समाप्त नहीं किया. बिगड़ते स्वास्थ्य को देखते हुए रविवार को एक बार फिर सीओ अनसन स्थल पर पहुचे और न्याय मिलने का भरोशा देकर दंपत्ति का अनशन समाप्त करवाया. सीओ ने दूसरे पक्ष द्वारा जमीन पर चल रहे निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाते हुए उस जमीन पर धारा 144 लगा दिया है.फैसला कब और किसके पक्ष में आता है यह तो समय बताएगा लेकिन इतना सत्य है कि एसपीटी एक्ट के चलते संथाल परगना में जमीन विवाद काफी पेंचीदा हो जाता है.
Thenewspost - Jharkhand
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