हिंदी में बहस सुनने और हिंदी में ही फैसला देनेवाले हाई कोर्ट के पहले जस्टिस थे कैलाश प्रसाद देव 

    हिंदी में बहस सुनने और हिंदी में ही फैसला देनेवाले हाई कोर्ट के पहले जस्टिस थे कैलाश प्रसाद देव 

    धनबाद(DHANBAD): झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस कैलाश प्रसाद देव की लंबी बीमारी के बाद शुक्रवार को निधन हो गया. जस्टिस केपी देव झारखंड हाई कोर्ट के ऐसे पहले जज थे ,जिन्होंने किसी मामले की पूरी सुनवाई हिंदी में की और आदेश भी हिंदी में ही दिया. हिंदी में आदेश देने का यह हाई कोर्ट का पहला मामला था. जस्टिस देव ने आदेश जारी करते समय प्रार्थी को आदेश का मतलब भी हिंदी में समझाया था. प्रार्थी से कहा था कि आपको समझने में परेशानी ना हो, इसलिए हिंदी में आदेश जारी किया गया है. हालांकि जमीन विवाद से जुड़ी  यह याचिका खारिज हो गई थी. यह मामला 2022 का है. 6 जुलाई 2022 को इस मामले की जब पहली बार सुनवाई शुरू हुई तो आवेदक नारायण गिरी ने जस्टिस की अदालत से आग्रह किया कि उन्होंने वकील नियुक्त नहीं किया है. वह खुद ही पक्ष रखेंगे और हिंदी में ही बहस करेंगे. जस्टिस देव ने इसकी इजाजत दे दी और पूरी बहस हिंदी में हुई .

    इन सभी ने दी श्रद्धांजलि 

    उनके निधन पर राज्यपाल , मुख्यमंत्री  सहित तमाम लोगों ने दुख व्यक्त किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यायाधीश कैलाश प्रसाद देव के निधन से मन बहुत व्यथित हैं.जमशेदपुर पूर्वी के निर्दलीय विधायक सरयू राय ने श्रद्धांजलि देते हुए लिखा है की निधन से मर्माहत हूं. वह नेक दिल और न्याय प्रिय थे. किसी ने ठीक ही कहा है कि ईश्वर जिसे प्यार करते हैं ,उन्हें कम आयु में ही अपने पास बुला लेते हैं. पुण्य आत्मा को प्रणाम.

    रिपोर्ट: धनबाद ब्यूरो 


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