प्रधानमंत्री के धनबाद की सभा का जवाब झामुमो ने गिरिडीह में दिया, मंच पर भावुक हुई कल्पना सोरेन गिरिडीह को चुन लिया अपना कार्य क्षेत्र,पढ़िए अब आगे क्या

    प्रधानमंत्री के धनबाद की सभा का जवाब झामुमो ने गिरिडीह में दिया, मंच पर भावुक हुई कल्पना सोरेन गिरिडीह को चुन लिया अपना कार्य क्षेत्र,पढ़िए अब आगे क्या

    धनबाद(DHANBAD): पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन ने सोमवार को गिरिडीह में झारखंड मुक्ति मोर्चा की स्थापना दिवस में हिस्सा लिया. एक समय तो ऐसा आया कि वह मंच पर ही भावुक हो गई. फिर दूसरे लोगों ने उन्हें संभाला. जेल का ताला टूटेगा, हेमंत सोरेन छूटेगा का नारा लगाकर कार्यकर्ताओं ने उन्हें ताकत दिया . फिर बोली तो बोलते ही गई. इस सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक मार्च को धनबाद में दिए गए भाषण का भी जवाब दिखा. प्रधानमंत्री ने कहा था कि नारा इतनी जोर से लगाइए कि इसकी आवाज जेलों तक पहुंचे .सोमवार को गिरिडीह में कहा गया कि झंडा, हरवे हथियार को ऊपर उठाकर दिल्ली तक दिखा दें. डुगडुगी इतनी जोर से बजाए कि उसकी आवाज दिल्ली में बैठे लोगों की कानों तक पहुंच जाए.

    अगला चुनाव कल्पना सोरेन गिरिडीह के गांडेय विधानसभा क्षेत्र से लड़ेगी

    जो भी हो कल्पना सोरेन के ससुर शिबू सोरेन ने गिरिडीह लोकसभा क्षेत्र के टुंडी इलाके में महाजनी आंदोलन के खिलाफ आंदोलन की शुरुआत की और लोगों को अत्याचार के खिलाफ उठ खड़े होने की ताकत दी. आज भी टुंडी में उनका आश्रम चलता है. यह बात भी सच है कि टुंडी विधानसभा से चुनाव हारने के बाद वह इतने दुखी हुए कि इस इलाके को छोड़कर दुमका चले गए और दुमका से कई बार सांसद भी बने. केंद्रीय मंत्री की कुर्सी तक पहुंचे. अब उनकी बहू सीता सोरेन गिरिडीह को अपना कर्म क्षेत्र बनाने की घोषणा कर दी है. पूर्व विधायक डॉक्टर सरफराज अहमद की माने तो उन्होंने कल्पना सोरेन के लिए ही गांडेय विधानसभा क्षेत्र को खाली किया है. 31 दिसंबर को जब उन्होंने इस्तीफा दिया तो कुछ ऐसे कानूनी पेंच फंसे कि उपचुनाव नहीं हो पाया .लेकिन अगला चुनाव कल्पना सोरेन गिरिडीह के गांडेय विधानसभा क्षेत्र से लड़ेगी. कई वक्ताओं ने कहा कि कल्पना सोरेन की गिरिडीह के झंडा मैदान से राजनीतिक जीवन की शुरुआत हो गई है .इस पर लोगों ने तालियां भी बजाई.

    कल्पना सोरेन ने क्या कहा 

    कल्पना सोरेन ने अपने संबोधन में कहा कि सोच कर आई थी कि अपने आंसू रोक लूंगी, पर आप सबका इतना प्यार देखकर मैं ऐसा नहीं कर सकी. आज के दिन आपके सामने भारी मन से खड़ी हूं. एक पिता के रूप में मेरे बूढ़े ससुर गुरुजी और सासू मां बहुत ही बीमार हैं. वह भी आहत और परेशान है. इसके बाद ही कल्पना सोरेन भावुक हो गई और फफक का रोने लगी .इसके बाद लोगों ने उन्हें संभाला. इधर झारखंड मुक्ति मोर्चा महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने सोशल मीडिया एक्स पर कल्पना सोरेन को लेकर पोस्ट किया है. लिखा है आपकी नई जिंदगी की शुरुआत कांटों के बीच खिलने वाले गुलाब की तरह है. आपका संकल्प और दृढ़ता भारतीय नारी शक्ति की पहचान बने. यह समाज और देश नारी की सृजनशीलता का हमेशा उपासना करता रहा है .आपके रूप में जहां हेमंत बाबू की स्पष्ट झलक है ,वही गुरु जी का आशीर्वाद ,हर स्तर के झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं का प्रबल साथ है. संघर्ष पर निष्ठा के साथ आगे बढ़े. इसकी शुभकामनाएं.

    रिपोर्ट: धनबाद ब्यूरो 


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