JSSC की नियुक्ति नियमावली की सुनवाई पूरी, कोर्ट ने फ़ैसला रखा सुरक्षित


रांची (RANCHI): झारखंड स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (जेएसएससी) की नियुक्ति नियमावली को चुनौती देने वाली याचिका पर बुधवार को हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला को सुरक्षित रख लिया गया है.
पांच घंटे तक चली बहस
बुधवार को चीफ जस्टिस डॉ. रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत में 5 घंटे तक सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला को सुरक्षित रखा है.
हिंदी को मातृभाषा सूची से क्यों हटाया: कोर्ट
हाईकोर्ट ने सुनवाई में सरकार से पूछा है, कि हिंदी को मातृभाषा की सूची से क्यों हटाया गया, इस पर सरकार की ओर से अधिवक्ता सुनील कुमार ने बताया कि हिंदी को हटाया नहीं गया, बल्कि क्वालीफाइंग पेपर में रखा गया है भाषा के पेपर से अंग्रेजी हिंदी को हटाने के पीछे स्थानीय भाषा को प्रोत्साहित करना है. यहां की संस्कृती, रीति, रिवाज और क्षेत्रीय भाषा को संरक्षित करने के लिए ऐसा किया गया है. राज्य सरकार के पास ऐसी नीति बनाने का अधिकार है जिससे स्थानीय लोगों का कल्याण हो.
प्रार्थियों की दलील
प्रार्थियों द्वारा यह दलील दी गई कि संशोधित नियुक्ति नियमावली में लगाई गईं. शर्तों के कारण वैसे अभ्यर्थी आवेदन नहीं कर पा रहे हैं, क्षेत्रीय भाषा से अंग्रेजी और हिंदी को हटाना सही अनुचित है.
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