Jharkhand Politics: सीएम  हेमंत सोरेन की जाल में उलझी पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव अब क्या  करेंगी, पढ़िए क्यों उठ रहे सवाल !

    Jharkhand Politics: सीएम  हेमंत सोरेन की जाल में उलझी पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव अब क्या  करेंगी, पढ़िए क्यों उठ रहे सवाल !

    धनबाद (DHANBAD) : हेमंत सरकार के दूसरे कार्यकाल में विपक्ष को अभी भी मुद्दे की तलाश है. विपक्ष कोई भी मामला लेकर आगे बढ़ता है, लेकिन वह फुस्स हो जाता है. यह बात कही जाती है कि दूसरे कार्यकाल में हेमंत सोरेन राजनीतिक रूप से अधिक परिपक्व हुए है. बोलते नहीं है, लेकिन चुप रहकर विपक्ष की हवा निकल देते है. गुरुवार को जिस तरह आनन-फानन  में रांची के सिमरटोली फ्लाईओवर का लोकार्पण किया गया, इसे एक नमूना कहा जा सकता है. फ्लाईओवर  रैंप का विरोध की अगुवाई कर रही पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव के पिता के नाम पर ही फ्लाईओवर  का नाम रखकर उन्होंने गीताश्री उरांव  की रैंप विरोध की राजनीति की हवा निकाल दी है.  फ्लाईओवर  का नाम स्वर्गीय कार्तिक उरांव बाबा दिया गया है. स्वर्गीय कार्तिक उरांव पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव  के पिता थे. सवाल उठता है कि अब गीताश्री उरांव क्या करेगी? 

    क्या अब पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव पहले की तरह विरोध कर पाएंगी 

    क्या वह अपने पिता के नाम के इस फ्लाईओवर का पहले की तरह ही विरोध कर पाएंगी. यह बड़ा सवाल बनकर सामने खड़ा हो गया है. इस उद्घाटन कार्यक्रम को गोपनीय रखा गया था. बुधवार को इसके खिलाफ झारखंड बंद  के बाद अचानक उद्घाटन का कार्यक्रम तय कर लिया गया. रातों-रात मंच बन गए, होर्डिंग भी लग गए, लेकिन उद्घाटन की तिथि कहीं अंकित नहीं कराई गई. गुरुवार की दोपहर यह बात सामने आई की आज ही इसका उद्घाटन होगा. विश्व पर्यावरण दिवस पर  वन भवन में पूजा-पाठ के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने फ्लाईओवर को आम लोगों के लिए खोल दिया. हालांकि अभी भी गीताश्री उरांव के  तेवर कड़े है. उन्होंने कहा है कि पिता के नाम पर फ्लाईओवर का नाम रखकर आंदोलन को तोड़ने की कोशिश की गई है. 

    बोली गीताश्री उरांव-पिता ने वर्षो -वर्ष तक किया संघर्ष 
     
    उन्होंने कहा कि सरना  समाज को बचाने के लिए उनके पिता ने वर्षों तक आंदोलन किया. आदिवासियों की आवाज को संयुक्त राष्ट्र संघ तक में उठाया, अब उनकी आस्था पर चोट पहुंचाई जा रही है.  रांची में सरहुल शोभा यात्रा की शुरूआत उनके पिता नहीं की थी. आज उसी जगह को बचाने के लिए उनकी बेटी संघर्ष कर रही है. उनका दवा है कि आदिवासी समाज इसे कतई स्वीकार नहीं करेगा. जल्द ही बैठक कर आगे की रणनीति तय की जाएगी. इधर, उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि विरोध के बारे में उन्हें कुछ नहीं कहना. लेकिन इतना जरूर कहेंगे कि राजनीतिक रोटियां सेंकने  के लिए किसी की बलि चढ़ाना ठीक नहीं है.  किसी की भावना आहत न हो, हमारी सरकार इसका ख्याल रखती है.  

    फ्लाईओवर को स्वर्गीय कार्तिक उरांव बाबा के नाम से जाना जाएगा

    इस फ्लाईओवर को स्वर्गीय कार्तिक उरांव बाबा के नाम से जाना जाएगा. मतलब एक तरह से उद्घाटन कर विरोध की राजनीति को खत्म कर दिया गया है.  हालांकि सूत्र यह भी  बताते हैं कि रातू रोड एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्घाटन 19 जून को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी करने वाले है. यह केंद्र सरकार की योजना है. उससे पहले ही फ्लाईओवर को  खोल दिया गया. बता दें कि 19 अगस्त 2022 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस फ्लाईओवर का शिलान्यास किया था. यह फोरलेन फ्लाईओवर 2.34 किलोमीटर लंबा है. पथ निर्माण विभाग का कहना है कि किसी की भावना को ठेस नहीं पहुंचे, इसका पूरा ख्याल रखा गया है. सरना स्थल के कारण ही रैंप  की लंबाई 114 मीटर से घटाकर 84 मीटर की गई है. किसी कार्यक्रम में जरूरत पड़ने पर क्रैश बैरियर हटाया जा सकता है. इससे  जगह मिल जाएगी.  खैर जो भी हो लेकिन विरोध के इस आवाज को हेमंत सोरेन ने बहुत ही होशियारी के साथ कुचलने में कामयाबी हासिल कर ली है. देखना है-अब आगे-आगे होता है क्या---

    रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो 


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