रघुवर दास को उड़ीसा का राज्यपाल बनाये जाने के बाद झारखंड की राजनीति हुई गर्म, पढें कैसे मुलाक़ातों का सिलसिला हुआ शुरू
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जमशेदपुर(JAMSHEDPUR): झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास को उड़ीसा का राज्यपाल बनाये जाने के साथ ही जमेशदपुर की राजनीति में बड़ा उलटफेर दिखलायी पड़ने लगा है, एक तरफ जेल से बाहर निकलते ही भाजपा नेता अभय सिंह सरयू राय से मुलाकात करने उनके आवास पर पहुंचे तो दूसरी तरफ राज्य से स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने रघुवर दास से मुलाकात कर उन्हे फूलों को गुलदस्ता भेंट किया. और इसके बाद अटकलों का बाजार गर्म हो गया. दरअसल स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के इस मुलाकात को राजनीतिक चस्में से देखने की कोशिश की जाने लगी, इसके सियासी समीकरण तलाशे जाने लगे.
पढें कैसे मुलाक़ातों का सिलसिला हुआ शुरू
हालांकि अभय सिंह के साथ अपनी मुलाकात को औपचारिक मुलाकात बताते हुए सरयू राय ने कहा कि दुर्गा पूजा का उत्सव है, इस दौरान एक दूसरे को शुभकामनाएं और बधाई देने की सामान्य परंपरा है, अभय सिंह के साथ हमारी मुलाकात को भी इसी नजरिये से देखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि अभय सिंह के साथ मेरे संबंध बहुत आत्मीय और पुराने है. बीजेपी में एक दो नेता को छोड़ कर सभी से संबंध अच्छे है. भले ही आज मैं भाजपा का हिस्सा नहीं हूं, लेकिन पुराने संबंध अपने जगह कायम हैं. उधर इस मुलाकात के बारे में अभय सिंह ने कहा कि राजनीति के हर कदम पर उन्हे सरयू राय का समर्थन, सहयोग और आशीर्वाद मिलता रहा है, मेरी गिरफ्तारी और जेल जाने तक सरयू राय कंधा से कंधा मिला कर साथ खड़े रहें. वह मेरे अभिभावक है इनका स्नेह समर्थन सहयोग मुझे बराबर मिलता रहेगा.
लेकिन पेच स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को लेकर हैं, क्योंकि दोनों के बीच बार बार नजदीकियां देखी जा रही है, और उसके बाद भी सियासी समीकरण में बदलाव के दावे किये जा रहे हैं. हालांकि बन्ना गुप्ता भी इस मुलाकात महज औपचारिक मुलाकात बता रहे हैं, उनका कहना है कि हम दोनों एक ही शहर से हैं, पुराने संबंध हैं, इस मुलाकात को सियासी नजरिये से देखे जाने की जरुरत नहीं है.
रिपोर्ट-रंजीत ओझा
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