Jharkhand Chunaw: क्या करने जा रही हैं धनबाद-बोकारो की दस विधानसभा सीटें, पढ़िए विश्लेषण

    Jharkhand Chunaw: क्या करने जा रही हैं धनबाद-बोकारो की दस विधानसभा सीटें, पढ़िए विश्लेषण

    धनबाद(DHANBAD) : धनबाद-बोकारो की 10 विधानसभा सीटें इस बार एनडीए के लिए चुनौती है, तो इंडिया ब्लॉक के लिए भी कम बड़ा चैलेंज नहीं है. 2019 की विधानसभा चुनाव के बाद कोयलांचल की राजनीति में कई बदलाव हुए. बदलाव तो झारखंड की राजनीति में भी हुए. बाबूलाल मरांडी की पार्टी का अस्तित्व खत्म हो गया. उनकी पार्टी का विलय भाजपा में हो गया. इस बार वह भाजपा उम्मीदवार के रूप में धनवार से चुनाव लड़ रहे है. कोयलांचल में एके राय की पार्टी का अस्तित्व खत्म हो गया. अब उनकी पार्टी का माले में विलय हो गया है. सिंदरी और निरसा से माले उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे है.  

    जयराम महतो के नेतृत्व में जेएलकेएम का उदय हुआ

    वहीं जयराम महतो के नेतृत्व में जेएलकेएम का उदय हुआ है. 2019 में के चुनाव परिणाम की बात करें तो धनबाद की सिंदरी से भाजपा के इंद्रजीत महतो चुनाव जीते थे. निरसा से भाजपा की अर्पणा सेनगुप्ता गुप्ता विजय रही थी. धनबाद सदर से भाजपा के राज सिन्हा चुनाव जीते थे. झरिया से कांग्रेस की पूर्णिमा नीरज सिंह विजय रही थी. टुंडी से झामुमो के मथुरा प्रसाद महतो चुनाव जीते थे. बाघमारा से भाजपा के ढुल्लू महतो विजई रहे थे. गोमिया से आजसू के लंबोदर महतो चुनाव जीते थे. बेरमो से कांग्रेस के राजेंद्र प्रसाद सिंह विजई रहे थे. बोकारो  से भाजपा के बिरंची नारायण चुनाव जीते थे तो चंदन कियारी से भाजपा के अमर कुमार बाउरी चुनाव में विजई रहे थे. 

    2024 के चुनाव में इस गणित को दोहराना पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए चुनौती है 

    फिलहाल 2024 के चुनाव में इस गणित को दोहराना पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए चुनौती भरा दिख रहा है. 2019 के रिकॉर्ड को पाना एनडीए के लिए चुनौती है, तो इंडिया ब्लॉक भी अपने पुराने रिकॉर्ड को मेंटेन कर पता है अथवा नहीं, यह देखने वाली बात होगी. यह बात तो तय है कि टोटल सीट भले ही वही रहे लेकिन धनबाद-बोकारो के सीटों में कुछ तो परिवर्तन होकर ही रहेगा. यूं तो झारखंड बनने के बाद धनबाद-बोकारो जिले की सीटों पर भाजपा मजबूत रही है. अलग राज्य बनने के बाद हर चुनाव में इन दो जिलों की 10 विधानसभा सीटों पर भाजपा का प्रदर्शन अन्य पार्टियों से अच्छा रहा है. 2019 के प्रदर्शन को कम से कम दोहराने के लिए भाजपा नेताओं ने एड़ी चोटी एक कर रखी है. यह बात अलग है कि राजनीति में परिवर्तन का असर भी धनबाद-बोकारो की सीटों पर दिख रहा है.  

    सिंदरी और निरसा से माले के उम्मीदवार भाजपा को दे रहे टक्कर 

    सिंदरी और निरसा  से माले के उम्मीदवार भाजपा उम्मीदवारों को टक्कर दे रहे हैं तो टुंडी में झामुमो के सिटिंग विधायक मथुरा प्रसाद महतो भाजपा के विकास महतो के लिए चुनौती बने हुए है. धनबाद में धनबाद में कांग्रेस और भाजपा की उम्मीदवार आमने-सामने है, लेकिन भाजपा उम्मीदवार को थोड़ी बढ़त दिख रही है. झरिया में भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने है. जीत का दावा दोनों पार्टिया कर रही है. चंदन कियारी में भाजपा थोड़ी संकट में दिख रही है. यही वजह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम चंदनकियारी में तय किया गया था. आजसू से निकलकर झामुमो  में गए उमाकांत रजक वहां चुनौती बने हुए है. तो जयराम महतो की पार्टी भी एक कोण बना रही है. बेरमो विधानसभा क्षेत्र में भी फाइट टाइट है. तो बोकारो में भी लड़ाई कांटे की है. लोग बता रहे हैं गोमिया में भी आजसू जान से लगा हुआ है लेकिन वह कितना कंफर्टेबल है, यह तो 23 नवंबर को ही पता चलेगा.  वैसे, बाघमारा में भाजपा  -कांग्रेस में टक्कर है तो निर्दल रोहित यादव भी कोण बनाने की कोशिश में है,   धनबाद -बोकारो की सीटें सरकार बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. इस बार क्या करेगी, यह  देखने वाली बात होगी.  

    रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो 


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