झारखंड मंत्रिमंडल : छठी विधानसभा में भी क्यों खाली रखा जा सकता है मंत्री का 12 वां पद, पढ़िए 

    झारखंड मंत्रिमंडल : छठी विधानसभा में भी क्यों खाली रखा जा सकता है मंत्री का 12 वां पद, पढ़िए 

    धनबाद(DHANBAD): झारखंड में तो अब मंत्रिमंडल गठन की उल्टी गिनती शुरू हो गई है.  गुरुवार को मंत्रिमंडल का गठन हो जाएगा.  मंत्री शपथ ले लेंगे, इसके साथ ही झारखंड सरकार पूरी ताकत और क्षमता से काम करना शुरू कर देगी.  इसके साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि नई सरकार में क्या 12 वें मंत्री का पद भर लिया जाएगा  या  खाली रखा जाएगा.  दरअसल, सरकार के गठन को लेकर मंत्री पद के एक- दो सीट खाली रखने  का एक प्रचलन शुरू हो गया है.  यह  अलग बात है कि यह प्रचलन कोई अनायास ही शुरू नहीं हुआ है. 

     खासकर, जब गठबंधन की सरकार चल रही हो, तो ऐसे में कभी-कभी यह मंत्री का पद सरकार को सुरक्षित रखने में काम भी आता है.  2014 में जब रघुवर दास झारखंड के मुख्यमंत्री बने, तो उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल में मंत्री के  12 वे  पद को खाली रखा.  2019 में फिर जब गठबंधन की सरकार बनी, तो शुरुआती दिनों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी इस पद को खाली रखा.  लेकिन फिर बाद में इसे भर लिया गया.  इधर, अब बात साफ हो गई है कि माले  सरकार में शामिल नहीं होगी.  लेकिन कांग्रेस, राजद  और झामुमो के लोग मंत्री बनेगे.  कांग्रेस और राजद  कोटे  से मंत्रियों के नाम की सूची मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को नहीं मिली है. 

     उम्मीद जताई जा रही है कि बुधवार की रात तक कांग्रेस कोटे और राजद  कोटे  के मंत्रियों की सूची मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को मिल जाएगी.  फिलहाल चुनाव के पहले टिकट के लिए विधायकों ने दौड़ भाग की.  अब मंत्री बनने के लिए रांची और दिल्ली  एक किए हुए थे.  रांची और पटना की दूरी भी कम गई थी.  कांग्रेस कोटे के मंत्रियों की सूची अभी रांची नहीं पहुंची है.  सूचना के अनुसार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दिल्ली में ही थे, लेकिन वह आज रांची के लिए रवाना हो गए है.  लेकिन प्रभारी अभी दिल्ली में ही है.  हो सकता है कि देर शाम तक प्रभारी रांची पहुंच जाए और कांग्रेस कोटे के मंत्रियों की सूची मुख्यमंत्री को सौंप दे. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


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