Jharkhand BJP Politics: क्या अर्जुन मुंडा और रघुवर दास शामिल होंगे राष्टीय टीम में, पढ़िए क्यों हो रही यह चर्चा

धनबाद(DHANBAD): भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के पहले होने की संभावना बढ़ गई है. झारखंड सहित अन्य राज्यों में में सांगठनिक चुनाव में देरी की वजह से राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव पहले हो सकता है कोयलांचल के भाजपा नेताओं में चर्चा पर भरोसा करे , तो प्रदेश अध्यक्ष को लेकर अभी कई कयास लगाए जा रहे है. धनबाद के एक सूत्र का कहना है कि झारखंड के दो पूर्व मुख्यमंत्री को राष्ट्रीय अध्यक्ष की टीम में शामिल किया जा सकता है. इनमें अर्जुन मुंडा और रघुवर दास के नाम नाम गिनाये जा रहे है. वैसे, तो रघुवर दास राष्ट्रीय कमेटी में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रह चुके है. बाबूलाल मरांडी के नेता प्रतिपक्ष चुने जाने के बाद इसकी चर्चा तेज थी कि बहुत जल्द झारखंड में प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा हो जाएगी. लेकिन सांगठनिक चुनाव इसमें बाधक बन गया है.
झारखंड के भाजपा नेता राष्ट्रीय टीम में हो सकते है शामिल
इस बीच यह भी चर्चा है कि झारखंड के कुछ भाजपा नेताओं को राष्ट्रीय टीम में शामिल किया जा सकता है. यह बात भी तय है कि भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष कोई ओबीसी समाज से आने वाला नेता ही होगा. आदिवासी समाज से आने वाले बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष बनाया गया है. ऐसे में यह तय है कि आदिवासी समाज का कोई भी नेता प्रदेश अध्यक्ष अब नहीं बनेगा. ऐसे में ओबीसी समाज से प्रदेश अध्यक्ष बनाने की बात तय मानी जा रही है. अगर अर्जुन मुंडा और रघुवर दास को राष्ट्रीय कमेटी में शामिल किया गया, तो फिर प्रदेश अध्यक्ष की रेस में हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू के नाम पर विचार किया जा सकता है.
2024 में झारखंड में भाजपा की करारी हार हुई है
यहां बता दें कि 2024 के विधानसभा चुनाव में झारखंड में भाजपा की करारी हार के बाद कहा जाता है कि प्रदेश में भाजपा अपने बुरे दौर से गुजर रही है. नेता प्रतिपक्ष के चयन में भी विलंब किया गया और प्रदेश अध्यक्ष चुनाव की बारी आई तो अभी मंथन किया जा रहा है. बता दें कि अर्जुन मुंडा खूंटी से सांसद का चुनाव हार गए थे. उनकी पत्नी भी विधानसभा का चुनाव हार गई. इधर, रघुवर दास जब ओड़िशा के राज्यपाल से इस्तीफा देकर भाजपा के सक्रिय राजनीति में शामिल हुए, तो कयास लगाए जा रहे थे कि उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है. वैसे तो रघुवर दास विधानसभा चुनाव के पहले ही सक्रिय राजनीति में आने के प्रयास में थे, लेकिन ऐसा संभव नहीं हो पाया. लेकिन उन्होंने अपने पारंपरिक सीट से अपनी बहू को टिकट दिलवाने में सफल रहे. जमशेदपुर पूर्वी से रघुवर दास की बहू चुनाव जीत गई और फिलहाल वह विधायक है. रघुवर दास की सक्रियता पूरे प्रदेश में बढ़ी हुई है. इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि उन्हें प्रदेश की कमान दी जा सकती है. लेकिन अब चर्चा उठी है कि रघुवर दास और अर्जुन मुंडा को राष्ट्रीय समिति में शामिल किया जा सकता है.
रघुवर दास और अर्जुन मुंडा दोनों झारखंड के बड़े नेता है
रघुवर दास और अर्जुन मुंडा दोनों झारखंड के बड़े नेता है. दोनों झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके है. अर्जुन मुंडा तो केंद्रीय मंत्री भी रह चुके है. ऐसे में झारखंड में अगर इन नेताओं को कोई जिम्मेवारी नहीं मिलती है तो राष्ट्रीय समिति में शामिल करना भाजपा की मजबूरी भी हो सकती है. वैसे समूचे झारखंड के भाजपा नेताओं की नजर प्रदेश अध्यक्ष कौन बनता है, इस पर टिकी हुई है. क्योंकि प्रदेश अध्यक्ष के हिसाब से ही जिलों में अध्यक्ष का चयन हो सकता है. धनबाद में भी ग्रामीण और महानगर जिला अध्यक्ष को लेकर कई नेता रेस में है. लेकिन सब कुछ निर्भर करेगा कि प्रदेश की कमान किसके हाथ जाती है. और यही वजह है कि जिले के नेता भी प्रदेश अध्यक्ष कौन बनेगा, इसको लेकर चर्चा करने से परहेज नहीं कर रहे है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
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