ओलचिकी हूल बैसी के झारखंड बंद का दुमका में व्यापक असर, बंद समर्थकों ने कहा मांग पूरी नहीं हुई तो करेंगे उग्र आंदोलन 

    ओलचिकी हूल बैसी के झारखंड बंद का दुमका में व्यापक असर, बंद समर्थकों ने कहा मांग पूरी नहीं हुई तो करेंगे उग्र आंदोलन 

    दुमका(DUMKA): अपनी मांगों को लेकर ओलचिकी हूल बैसी ने मंगलवार को झारखंड बंद का आह्वान किया है. दुमका में बंद का व्यापक असर देखा जा रहा है. शिकारीपाड़ा प्रखंड में बंद समर्थकों ने दुमका - रामपुरहाट मार्ग को कजलादाहा मोड़ और कालीपाथर में जाम कर दिया. वही पत्थर औद्योगिक क्षेत्र के तमाम स्टोन क्रशर और खदान बंद है. चापुड़िया रेल फाटक के समीप रेल पटरी पर भी बंद समर्थक अपना बैनर लगाकर बैठ गए हैं.

    संथाली भाषा के पुस्तकों का मुद्रण ओलचिकी भाषा में कराया जाए

    बंद समर्थकों का कहना है कि संथाली भाषा के पुस्तकों का मुद्रण ओलचिकी भाषा में कराया जाए, संथाली भाषा को प्रथम राजभाषा का दर्जा दिया जाए,  केजी से लेकर पीजी तक ओलचिकी भाषा में पढ़ाई हो. संथाल अकादमी का गठन किया जाए.  संथाली शिक्षकों की अविलंब नियुक्ति की जाए. बंद समर्थकों का कहना है कि अपनी मांगों को सरकार के पास रखा गया था. इसके लिए अल्टीमेटम 27 जून तक दिया था लेकिन सरकार के तरफ से कोई सार्थक पहल नहीं हुई. यही वजह है कि आज पूरा झारखंड बंद का आह्वान किए हुए हैं. अगर अभी भी सरकार नहीं ध्यान देती है तो आने वाले दिनों में स्कूलों में तालाबंदी किया जाएगा. इधर आरपीएफ के जवान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चापुड़िया रेल फाटक के पास तैनात है और बंद समर्थकों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है. 

    रिपोर्ट: पंचम झा 


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