है न हैरान करने वाली बात : जिनकी मॉनिटरिंग करते ,उनसे भी  कम वेतन पाते 

    है न हैरान करने वाली बात : जिनकी मॉनिटरिंग करते ,उनसे भी  कम वेतन पाते 

    धनबाद(DHANBAD) | झारखंड में पारा शिक्षकों की मॉनिटरिंग करने वाले बीआरपी और सीआरपी का मानदेय पारा शिक्षकों से भी कम है.  आपको भरोसा नहीं होगा, लेकिन सच्चाई यही है.  सोमवार को सेवा शर्त नियमावली व मानदेय में बढ़ोतरी को लेकर धनबाद जिला बीआरपी\ सीआरपी महासंघ ने रणधीर वर्मा चौक पर मौन  धरना दिया.  मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त  को ज्ञापन सौपा.  कहा गया है कि समग्र शिक्षा अभियान के तहत प्रखंड साधन सेवी एवं संकुल साधन सेवी वर्ष  2005  से कार्यरत है.  लेकिन 6 वर्षों से उनका मानदेय नहीं बढ़ा है.  इस मामले को लेकर संघ का एक प्रतिनिधिमंडल महागामा की कांग्रेस विधायक दीपिका पांडे सिंह ,झरिया विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह एवं कांग्रेस नेता अशोक कुमार सिंह के नेतृत्व में 2 अगस्त को मुख्यमंत्री  हेमंत सोरेन से मिलकर स्थिति स्पष्ट की थी.  बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. 

    मिल चुके है मुखयमंत्री से 

     27 सितंबर 2023 को विधायक दीपिका पांडे सिंह के नेतृत्व में गोड्डा में ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम से मिलकर संघ ने ज्ञापन दिया.  बावजूद यह  मामला आज तक कैबिनेट में नहीं आया.  बीआरपी\ सीआरपी के  मौन धरना  में कांग्रेस के वरीय नेता अशोक कुमार सिंह भी पहुंचे एवं अपना नैतिक समर्थन दिया. उन्होंने कहा कि बीआरपी\ सीआरपी की मांग जायज है. इनकी मानगो पर सहानुभूति पूर्वक विचार होना चाहिए.   धरना में जिला अध्यक्ष वासुदेव प्रसाद महतो, अब्दुल सत्तार अंसारी, अजहर हुसैन अंसारी, विराज दास, संजय रजक, भुवन चंद्र महथा , मधुकर प्रसाद, शंकर रवानी, प्रवीण गुप्ता, मधुसूदन गोराई ,अभिजीत भट्टाचार्य ,काशी नाथ, चंदन मिश्रा आदि मौजूद थे. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


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