है न चौकानेवाली बात : धनबाद रेल स्टेशन के रिटायरिंग रूम में आज भी काटते हैं खटमल!

    है न चौकानेवाली बात : धनबाद रेल स्टेशन के रिटायरिंग रूम में आज भी काटते हैं खटमल!

    धनबाद(DHANBAD): धनबाद रेल मंडल की आमदनी के मामले में पूरे देश में डंका बज रहा है.  यह रेलवे का ए कैटेगरी  स्टेशन भी है, लेकिन आजमगढ़ के एक यात्री ने जो शिकायत की है, वह पूरी व्यवस्था की पोल खोल रहा है.  शिकायत में कहा गया ही कि धनबाद रेलवे स्टेशन के रिटायरिंग रूम के कमरों में खटमल का आतंक है. आज के इस जमाने में भी खटमल अगर यात्री को परेशान कर रहे हैं तो यह सोचने  की बात होगी.  एक समय था जब लोग घर के बिस्तर और खाट को धूप में सुखाकर खटमल मारते  थे लेकिन वह अब बीते दिनों की बात हो गई है.  लेकिन धनबाद रेलवे स्टेशन के रिटायरिंग  रूम में आज भी खटमल जीवित है.  

    आजमगढ़ के यात्री ने की है शिकायत 

    आजमगढ़ के रहने वाले एक यात्री ने  गुरुवार को खटमल की शिकायत डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट की  शिकायत पुस्तिका में की है.  यात्री ने लिखा है कि धनबाद ए वन कैटेगरी  का स्टेशन है.  रिटायरिंग रूम में इतनी गंदगी है कि यात्री बीमार पड़ सकते है. पता नहीं रेलवे इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेगा ,लेकिन अगर यह शिकायत सही है तो पूरे इंतजाम पर कला दाग है.  इधर, धनबाद स्टेशन के आठों  प्लेटफार्म पर बिक रहे पानी और अन्य खाद्य पदार्थों की नियमित जांच के लिए सीनियर डीसीएम ने कमर्शियल इंस्पेक्टर के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया है.  इंस्पेक्टर को आदेश दिया गया है कि वह हर दिन स्टेशन के स्टालों के साथ-साथ धनबाद से खुलने वाली ट्रेनों की पैंटी कार  की जांच करे.  अभी हाल ही में छापामारी कर रेल अधिकारियों ने इस बात का खुलासा किया था कि धनबाद स्टेशन पर उचित गुणवत्ता के समान नहीं बेचे जाते है.  

    कमाई में देश का नंबर वन है धनबाद रेल मंडल 

    यह  अलग बात है कि धनबाद रेल मंडल राजस्व कमाई में देश का नंबर वन स्टेशन है.  माल ढुलाई  में यह रिकॉर्ड कायम किया है, लेकिन उसी के साथ धनबाद रेल मंडल में सुविधाओं की भी उतनी ही कमी है.  धनबाद को भले ही धन  से आबाद कहा जाता हो, भले ही यहां का रेल मंडल देश का नंबर एक कमाऊ पूत  हो ,भले ही धनबाद रेल मंडल की कमाई से रेल मंत्रालय की  छाती चौड़ी होती हो, लेकिन धनबाद को सुविधाओं के लिए तरसाया जाता है. धनबाद से दिल्ली के लिए हर दिन सैकड़ों लोग रेल मार्ग से यात्रा करते हैं, पर धनबाद से दिल्ली के लिए सीधी कोई ट्रेन नहीं खुलती. लोगों को हावड़ा और सियालदह से आने वाली ट्रेनों पर ही आश्रित रहना पड़ता है.  धनबाद से दिल्ली के लिए ट्रेन की मांग 20 वर्षों से लगातार की जा रही है. इसपर रेलवे ने कभी ध्यान तक नहीं दिया.  नतीजा धनबाद को आज तक दिल्ली के लिए ट्रेन नहीं मिल सकी. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो


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