अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस : नशे के खिलाफ केवल बोलना नहीं, बल्कि उदाहरण बनकर दिखाना  होगा, पढ़िए किसने कही यह बात

    अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस : नशे के खिलाफ केवल बोलना नहीं, बल्कि उदाहरण बनकर दिखाना  होगा, पढ़िए किसने कही यह बात

    धनबाद (DHANBAD) : अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस एवं अवैध तस्करी के खिलाफ राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत गुरुवार को झालसा एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार तिवारी के निर्देश पर जिले के विभिन्न पंचायत, लीगल लिटरेसी स्कूल एवं कॉलेज में एलएडीसीएस, डालसा के अधिकार मित्र ,पैनल अधिवक्ता, द्वारा  जागरूकता अभियान चलाया गया. इस मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सह अवर न्यायाधीश मयंक तुषार टोपनो ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस और अवैध तस्करी के खिलाफ जागरूकता रैली, काउंसलिंग शिविर, और नुक्कड़ नाटक का आयोजन  कर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. 

    इस कड़ी में नालसा, नई दिल्ली द्वारा जारी वीडियो क्लिप को छात्र-छात्राओं एवं  ग्रामीण को दिखाया गया. लोगों को संबोधित करते हुए न्यायाधीश मयंक ने कहा कि यह दिवस हमें नशे के खतरों के प्रति जागरूक करने और समाज में फैली इस बुराई के खिलाफ एकजुट होने की प्रेरणा देता है.नशा एक धीमा जहर है.  यह न केवल शरीर को खोखला करता है, बल्कि मानसिक, सामाजिक और आर्थिक जीवन को भी बर्बाद कर देता है.  दुख की बात है कि आजकल युवाओं में नशे की लत तेजी से बढ़ रही है. 

    यह लत उन्हें पढ़ाई से दूर कर रही है, अपराध की ओर धकेल रही है और उनके सपनों को चकनाचूर कर रही है. यदि समय रहते इन्हें रोका न गया, तो हमारे राष्ट्र का भविष्य खतरे में पड़ सकता है. उन्होंने लोगों से आवाहन किया कि  हमें नशे के खिलाफ केवल बोलना नहीं है, बल्कि उदाहरण बनकर दिखाना है. समाज में जागरूकता अभियान चलाकर, नशे से दूर रहने का संदेश फैलाना चाहिए. अगर हमारा कोई साथी या पड़ोसी इस रास्ते पर चल रहा हो, तो प्यार और समझदारी से उसे सही रास्ता दिखाने की कोशिश करनी चाहिए. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


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